सुकमा, संवाददाता : सुकमा जिला मुख्यालय के हड़मा स्टेडियम में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत भव्य सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। जहां कुल 107 जोड़ों ने वैदिक एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ एक-दूसरे का हाथ थामा है। नवविवाहित जोड़ों ने नए जीवन की शुरुआत की।
जिला मुख्यालय सुकमा के हड़मा स्टेडियम में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत एक भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस समारोह में कुल 107 जोड़ों ने वैदिक और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अपने नए जीवन की शुरुआत की। यह आयोजन नवविवाहित जोड़ों के लिए सरकारी सहायता के साथ-साथ सामाजिक समावेशन का भी एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।
इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम की एक खास बात ग्राम दोर्रामंगू, पंचायत मेहता निवासी मगडू और माड़वी बुधारी का विवाह रहा। वर मगडू, जो लगभग 12 वर्षों तक प्रतिबंधित संगठन से जुड़े रहने के बाद आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट आया था, ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत विवाह किया।
आत्मसमर्पण के पश्चात शासन की पुनर्वास और सामाजिक कल्याण योजनाओं से जुड़ने के बाद यह विवाह संपन्न हुआ
आत्मसमर्पण के पश्चात शासन की पुनर्वास और सामाजिक कल्याण योजनाओं से जुड़ने के बाद यह विवाह संपन्न हुआ। इसे पुनर्वास प्रक्रिया से गुजर रहे व्यक्तियों के सामाजिक समावेशन के एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अपनी बेटियों के विवाह में सहायता प्रदान करना है, ताकि वे सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न करा सकें। इस योजना के अंतर्गत नवविवाहित जोड़ों को शासन द्वारा निर्धारित सहायता राशि प्रदान की गई।
कार्यक्रम में विकासखंड कोंटा अंतर्गत ग्राम पंचायत दरभागुड़ा के ग्राम लेंडरा निवासी वीरराजू माड़वी एवं वन्जम देवे का विवाह भी संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, परिजनों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। पारंपरिक रीति-रिवाजों और आशीर्वाद के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसने नवदंपतियों के सुखमय भविष्य की कामना की।
