ढाका, एजेंसी : बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अब राजनीतिक और कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। BNP प्रमुख तारिक रहमान मंगलवार (17 फरवरी 2026) की शाम प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। इस मौके को एक सरकारी कार्यक्रम की बजाय बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के रूप में तैयार किया जा रहा है।
अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने 13 देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों को आमंत्रण भेजा है। भारत, चीन, सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्किये, यूएई, कतर, मलेशिया, ब्रुनेई, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान जैसे देशों को एक साथ न्योता देकर बांग्लादेश ने स्पष्ट किया है कि वह दक्षिण एशिया से लेकर पश्चिम एशिया तक सभी प्रमुख साझेदारों के साथ संतुलित रिश्ते रखना चाहता है।
ढाका में होने वाले इस शपथ समारोह को क्षेत्रीय और वैश्विक संतुलन के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। खासतौर पर भारत और चीन दोनों को आमंत्रित करना नई सरकार की कूटनीतिक प्राथमिकताओं को दर्शाता है।
पीएम मोदी की व्यस्तता, जयशंकर के जाने की संभावना
भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना कम मानी जा रही है। दरअसल मंगलवार (17 फरवरी 2026) को ही फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत दौरे पर होंगे और मुंबई में दोनों नेताओं की अहम बैठक तय है।
इसके बाद नई दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट 2026 में भी उनकी संयुक्त भागीदारी होगी। ऐसे में माना जा रहा है कि भारत की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर या कोई अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधि ढाका जाकर शपथ समारोह में शामिल हो सकता है।
चुनाव में 299 सीटों में से 209 पर जीत हासिल कर BNP ने स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया है, जबकि जमात गठबंधन को 68 सीटें मिली हैं। अब तारिक रहमान के सामने घरेलू राजनीति को स्थिर करना, कमजोर अर्थव्यवस्था को सुधारना और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को संतुलित बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी।
