नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क : भारतीय रेल अपनी डिजिटल सेवाओं में एक क्रांतिकारी बदलाव करने जा रहा है। रेल मंत्रालय ने दशकों पुराने UTS (Unreserved Ticketing System) मोबाइल ऐप को 1 मार्च 2026 से पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया है। 27 दिसंबर 2014 को लॉन्च हुआ यह ऐप अब इतिहास बन जाएगा और इसकी जगह नया ‘RailOne’ ऐप यात्रियों की सभी जरूरतों को पूरा करेगा।
क्यों बंद हो रहा है UTS ऐप? ‘वन ऐप, ऑल सर्विसेज’ का कॉन्सेप्ट
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग-अलग ऐप्स का प्रबंधन करना अब ‘घाटे का सौदा’ साबित हो रहा है। डिजिटल अनुभव को सरल और एकीकृत (Integrated) बनाने के लिए ‘वन ऐप, ऑल सर्विसेज’ की नीति लागू की जा रही है।
अब यात्रियों को रिजर्व्ड, अनरिजर्व्ड और प्लेटफॉर्म टिकट के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर भटकना नहीं पड़ेगा। RailOne ऐप पर ये सभी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी।
RailOne ऐप: क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं ?
साउथर्न रेलवे के अनुसार, RailOne ऐप यात्रियों के समय और मेहनत की बचत करेगा। इस सुपर ऐप में निम्नलिखित फीचर्स शामिल होंगे…
टिकट बुकिंग : रिजर्व्ड, अनरिजर्व्ड (जनरल) और प्लेटफॉर्म टिकट।
सीजन टिकट : मासिक और त्रैमासिक पास (MST) की बुकिंग और रिन्यूअल।
लाइव स्टेटस : ट्रेनों की रियल-टाइम लोकेशन और जानकारी।
अतिरिक्त सेवाएं : ट्रेन में खाना ऑर्डर करना (E-Catering) और शिकायतों का त्वरित समाधान।
आसान लॉगिन: यात्री अपने मौजूदा IRCTC या UTS क्रेडेंशियल (यूजरनेम/पासवर्ड) का उपयोग करके सीधे RailOne में साइन-इन कर सकते हैं।
चरणबद्ध तरीके से हो रही है विदाई
UTS ऐप को बंद करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। शुरुआती दौर में नए यूजर रजिस्ट्रेशन और सीजन टिकट रिन्यूअल को रोका गया था। इसके बाद प्लेटफॉर्म टिकट और R-वॉलेट टॉप-अप की सेवाएं बंद की गईं। अब 1 मार्च 2026 से इस ऐप के जरिए किसी भी प्रकार की बुकिंग संभव नहीं होगी।
रेलवे की अपील : समय रहते डाउनलोड करें नया ऐप
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी अंतिम समय की परेशानी से बचने के लिए 1 मार्च से पहले ही ‘RailOne’ ऐप डाउनलोड कर लें। बदलाव के इस दौर में यात्रियों की सहायता के लिए रेलवे द्वारा विशेष गाइडलाइंस और हेल्पडेस्क की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
