विश्व का सबसे बड़ा तेल रिजर्व होने के बावजूद वेनेज़ुएला में क्यों बिगड़े हालात ?

Venezuela-oil-reserves)

नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल रिजर्व है, जो आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक करीब 303 बिलियन बैरल है।

यह दुनियाभर के क्रूड ऑयल का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा है। यह तेल का भंडार मुख्य रूप से ओरिनोको बेल्ट में फैला हुआ है, जहां तेल बेहद घना और भारी किस्म का है।कैसे बना इतन विशाल तेल भंडार?वेनेजुएला की भूवैज्ञानिक संरचना ने ही इस बड़े तेल रिजर्व को संभव बनाया है। वेनेज़ुएला के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में फैला ओरिनोको बेल्ट सेडिमेंट्री चट्टानों का एक बड़ा इलाका है, जहां पुराने जैविक पदार्थ दबाव और समय के साथ हाइड्रोकार्बन में बदल गए।

कैसे चट्टानों से निकला तेल?एक केस स्टडी के अध्ययन के अनुसार, लाखों सालों में, कैरिबियन और साउथ अमेरिकन टेक्टोनिक प्लेटों के बीच हलचल की वजह से पूर्वी वेनेजुएला के कुछ हिस्से डूब गए।जब जमीन लंबे समय तक धीरे-धीरे पानी में डूबती है, तो इससे एक गहरा बेसिन बनता है। इसे एक बड़े नेचुरल कटोरे की तरह समझा जा सकता है।इस ‘कटोरे’ ने समय के साथ सेडिमेंट रॉक्स की मोटी परतें बनने दीं। सेडिमेंट बाद में चट्टानें बन गईं जिनमें तेल होता है।

बढ़ते हुए एंडीज पर्वत से बहने वाली नदियां इस बेसिन में बहुत ज्यादा रेत, मिट्टी और दबे हुए ऑर्गेनिक मटीरियल ले गईं

बढ़ते हुए एंडीज पर्वत से बहने वाली नदियां इस बेसिन में बहुत ज्यादा रेत, मिट्टी और दबे हुए ऑर्गेनिक मटीरियल ले गईं, जिससे बहुत मोटी, तेल से भरपूर परतें बनीं जो आखिर में रिजर्वॉयर बन गईं।

इस इलाके में समुद्र के लेवल में बार-बार बढ़ोतरी और गिरावट ने भी इस दबे हुए ऑर्गेनिक मैटर को बचाने में मदद की, क्योंकि उथले समुद्रों ने कम ऑक्सीजन वाली कंडीशन बनाईं जिससे यह पूरी तरह से सड़ नहीं पाया, इसलिए ज्यादा गहराई में दबे होने पर तेल बनाने के लिए ज्यादा मटीरियल मौजूद था।

इसके अलावा, टेक्टोनिक ताकतों की वजह से होने वाले फॉल्ट और स्ट्रक्चरल ट्रैप ने तेल बनने के बाद उसे बाहर निकलने से रोकने में मदद की, जिससे असल में बड़ी मात्रा में हाइड्रोकार्बन वहीं सील हो गए।

वेनेजुएला में उत्पादन क्यों घटा ?

वेनेजुएला में भले ही तेल रिजर्व का आकार दुनिया में सबसे बड़ा है, लेकिन इसका असर उत्पादन या आर्थिक स्थिरता पर नहीं पड़ा।

उत्पादन अपने पीक स्तर से बहुत नीचे आ चुका है, पुरानी सुविधाएं जर्जर हो गई हैं। भारी तेल को अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए तैयार करने में जटिल प्रसंस्करण की जरूरत पड़ती है।

जमीन के नीचे दौलत, सतह पर संकट

दशकों से कम निवेश, खराब मैनेजमेंट और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों ने तेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को कमजोर कर दिया है। पाइपलाइन, कुएं और रिफाइनरियां क्षमता से कम चल रही हैं।

नतीजा यह है कि इतने बड़े रिजर्व के बावजूद देश की वास्तविक उत्पादन क्षमता और निर्यात आय काफी सीमित रह गई है। भारी तेल की तकनीकी और आर्थिक चुनौतियां इसे और कठिन बनाती हैं।

इसलिए वेनेजुएला का तेल भंडार आज भी आंकड़ों में सबसे बड़ा है, लेकिन वास्तविक आर्थिक लाभ तक पहुंचने का सफर अभी लंबा है।

India’s cricketers will score 200 against New Zealand Designs of Mehendi for Karwa Chauth in 2024 Indian Women’s T20 World Cup Qualifiers Simple Fitness Advice for the Holidays Top 5 Business Schools in the World