रिपब्लिक समाचार, डिजिटल डेस्क : संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान के कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला किया। हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंशा भी सामने आ गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी लोगों से अपनी सरकार पर कब्जा करने की अपील की है।
ट्रंप का ये असाधारण बयान दशकों पुरानी तनातनी के बाद ईरान की थियॉक्रेसी को खत्म करने की मंशा दर्शाता है। हमले की शुरुआत तेहरान के केंद्र में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के आवास परिसर पर टारगेट हमलों से हुई। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उस समय वे वहां मौजूद थे या नहीं। हमले के बाद ईरानी राजधानी में धुआं उठता देखा गया।
ईरान ने दिया उत्तर
हमला ईरान तक सीमित नहीं रहा। ईरान की पैरामिलिट्री रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने जवाब में इजराइल पर ड्रोन और मिसाइलों की पहली लहर दागी। इजराइल में राष्ट्रव्यापी अलर्ट जारी किया गया और सेना ने ईरानी हमलों को रोकने की कोशिश की। इस बीच, बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें फ्लीट मुख्यालय पर मिसाइल हमला हुआ।
कुवैत में अमेरिकी सेना सेंट्रल के क्षेत्र में सायरन और विस्फोट सुने गए। कतर में भी विस्फोटों की आवाजें आईं। इराक और संयुक्त अरब अमीरात ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया, जबकि जॉर्डन में सायरन बजाए गए। दूसरी तरफ यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में शिपिंग मार्गों और इजराइल पर हमले फिर से शुरू करने की कसम खाई।
ईरान के विदेश मंत्रालय का बयान
ईरान के विदेश मंत्रालय ने चुनौतीपूर्ण बयान जारी कर कहा गया कि देश “अपने बचाव में कोई संकोच नहीं करेगा”। मंत्रालय ने X पर पोस्ट में लिखा, “अब वतन की रक्षा करने और दुश्मन के सैन्य हमले का मुकाबला करने का समय आ गया है।” ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों की रेंज 2,000 किमी तक सीमित है, जो मध्य पूर्व और पूर्वी यूरोप के कुछ हिस्सों को कवर करती है।
इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइलों की कोई सार्वजनिक जानकारी नहीं है। हमलों के कुछ घंटों बाद रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने इजराइल पर ड्रोन-मिसाइल हमला किया। इजराइल में विस्फोट हुए, लेकिन क्षति या हताहतों की तत्काल जानकारी नहीं है। ईरानी मीडिया ने पूरे देश में हमलों की खबर दी, जिसमें तेहरान में खामेनेई के परिसर के रास्ते बंद कर दिए गए।
