मुजफ्फरनगर ,संवाददाता :गैंगस्टर रक्षित त्यागी और उसके साथी मेरठ निवासी ऋतिक त्यागी के साथ पुलिस की संधावली अंडरपास के पास मुठभेड़ हो गई। पैर में गोली लगने से दोनों घायल हुए हैं। इनके पास से चार पिस्टल, दो तमंचे और कार बरामद हुई है। मुजफ्फरनगर, मेरठ समेत आसपास के जिलों में इनका गैंग सक्रिय है।
सिविल लाइन थाना पुलिस की कुख्यात विक्की त्यागी के गैंगस्टर बेटे रक्षित त्यागी उर्फ दक्ष व उसके साथी मेरठ के थाना सरूरपुर के गांव भूनी निवासी ऋतिक त्यागी उर्फ गोलू के साथ संधावली अंडरपास के पास मुठभेड़ हो गई। इसमें दोनों घायल हो गए। कुख्यात का बेटा पिस्टलों की बड़े स्तर पर सोशल मीडिया पर खरीद फरोख्त करने वाले गिरोह का सरगना है। दोनों आरोपी अवैध हथियारों की सप्लाई करने आए थे। सिविल लाइन थाने में दर्ज एक मामले में वह वांछित चल रहा था। पुलिस ने चार पिस्टल, दो तमंचे व बिना नंबर की एक कार बरामद की।
एसपी सिटी ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि सिविल लाइन थाना पुलिस ने बिना नंबर की कार सवार दो आरोपियों को मुठभेड़ में रविवार देर रात पैर में गोली लगी हालत में गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार रक्षित कुख्यात विक्की त्यागी का बेटा है। उसकी मां मीनू त्यागी चिह्नित माफिया है। गिरफ्तार आरोपी इस गिरोह का सक्रिय सदस्य है।
वह कई साल से पिस्टल खरीद फरोख्त का काम कर रहा था। पूर्व में उसके गैंग के कई सदस्य मुजफ्फरनगर व अन्य जनपदों में पकड़े जा चुके हैं। 26 जनवरी को उसके गिरोह के तीन सदस्य साकेत निवासी हर्ष त्यागी, ब्रह्मपुरी निवासी अर्जुन त्यागी व इंद्रा कॉलोनी निवासी अर्पित सिविल लाइन थाना पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किए थे। उनसे पिस्टल बरामद किए गए थे।
आरोपियों ने बताया था कि बरामद अवैध हथियार उन्होंने रक्षित से खरीदे थे
आरोपियों से मिले मोबाइल में रक्षित के बारे में डाटा मिला था। आरोपियों ने बताया था कि बरामद अवैध हथियार उन्होंने रक्षित से खरीदे थे। वह इंदौर से पिस्टल खरीद कर बेचता है। अब से पहले मुजफ्फरनगर व अन्य जनपदों में पिस्टलों की खरीद फरोख्त के मामले में जब भी आरोपी पकड़े गए, तभी कुख्यात के बेटे का नाम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सामने आया।
रक्षित चरथावल थाने का गैंगस्टर है। उसके खिलाफ शहर कोतवाली में रंगदारी व सरकारी कार्य में बाधा सहित विभिन्न थानों में एक दर्जन व उसके साथी के खिलाफ तीन मामले दर्ज हैं। अभी और जानकारी की जा रही है। कई साल बाद वह पकड़ा गया है। अब से पहले वह सरेंडर होकर जेल गया था। गिरोह के सदस्यों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। उनकी संपत्ति का पता लगाकर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
लोकेशन बदलता था आरोपी
एसपी सिटी ने बताया कि सिविल लाइन पुलिस को कुख्यात के बेटे की तलाश थी। यह जानकारी होने के बाद वह लोकेशन बदल कर रहता था। कभी उसकी लोकेशन चंडीगढ़ तो कभी देहरादून, बागपत मेरठ व हिमाचल आती थी। रविवार देर रात वह अपने साथी के साथ हथियारों की सप्लाई देने आया था। इससे पहले दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
वर्चस्व की लड़ाई लड़ने वालों को बेचते थे पिस्टल
एसपी सिटी ने बताया कि यह गिरोह वर्चस्व की लड़ाई लड़ने वाले लोगों को पिस्टल बेचने का काम करता है। कई बार तो इस गिरोह के सदस्यों व खुद कुख्यात के बेटे ने जाकर फायरिंग की। जिन लोगों की आपस में रंजिश चल रही है, वे ऐसे लोगों को भी पिस्टल बेचने का काम करते हैं।
सोशल मीडिया पर बेचते थे पिस्टल
यह गिरोह फेसबुक, इंस्टाग्राम व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पिस्टल व अन्य हथियार दिखाकर बेचने का काम करता है। सोशल मीडिया पर अपने संपर्क बनाते हैं। इस गिरोह के संपर्क में रहने वाले लोगों की भी जानकारी की जा रही है। इस गिरोह के सदस्य अधिकांश 20 से 30 साल की आयु वाले हैं।
