गया, संवाददाता : मोक्ष और ज्ञान की भूमि गया आफिसर्स प्रशिक्षण अकादमी और भारतीय सेना के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक व गौरवपूर्ण रहा।
कठिन परिश्रम, लग्न, प्रशिक्षक के मार्गदर्शक में शार्ट सर्विस कमीशन तकनीकी कोर्सेज के रूप में अकादमी की 28 वीं पासिंग आउट परेड में युवा सेना अधिकारियों को भारतीय सेना में कमीशन प्रदान किया गया।
यह परेड परिवर्तनशील और कठोर सैन्य प्रशिक्षण की सफल परिणति का प्रतीक थी। अकादमी के आदर्श शौर्य, ज्ञान , संकल्प के अनुसार उत्कृष्टता अनुशासन और नेतृत्व के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
एक गर्व का क्षण आफिसर्स प्रशिक्षण अकादमी से पासिंग आउट परेड में 281 बेटे-बेटी नव सैन्य अधिकारी भारतीय सेना में शामिल हुए।
इसमें 28 बेटियां शामिल
इसमें 28 बेटियां शामिल है, जो भारत के अलग-अलग व जिले के रहते हुए अनेकता में एकता वाक्य को सिद्ध करते हुए गया ओटीए से सैन्य अधिकारी बनकर भारत की मातृभूमि के लिए रक्षा सूत्र में बंध गए।
281 अधिकारी कैडेटों को कमीशन प्रदान किया गया, इनमें शार्ट सर्विस कमीशन तकनीकी प्रवेश पुरूष 64 वें पाठयक्रम के 253 अधिकारी कैडेट और शार्ट सर्विस कमीशन तकनीकी प्रवेश महिला 35 वें पाठ्यक्रम की 28 अधिकारी कैडेट शामिल थे।
पासिंग आउट परेड और पिपिंग सेरोमणि के मुख्य अतिथि के रूप में दक्षिणी कमान के जनरल आफिसर्स कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेट जनरल धीरज सेठ रहे। उनकी आगवानी गया ओटीए के कमांडेंट विवेक कश्यप ने की।
पासिंग आउट परेड का कमान स्वार्ड आफ आनर अकादमी अंडर आफिसर्स व रजक पदक विजेता कुलदीप ने की। मुख्य अतिथि ने पासिंग आउट परेड का सुसज्जित जिप्सी से आठ अलग5अलग कंपनियों का निरीक्षण और समीक्षा किया। इसके बाद सलामी ली।
मुख्य अतिथि लेफ्टिनेट जनरल धीरज सेठ ने अपने संबोधन में नव सैन्य अधिकारियों इसमें विशेषकर बेटियों को बधाई दी।उन्होंने कहा कि नए कमीशंड अधिकारियों को नवाचार अपनाने, अपने ज्ञान को निरंतर बढ़ाते रहने और बदलते युद्ध क्षेत्र के वातावरण में अनुकूल रहने के लिए प्रेरित किया।
साथ ही भारतीय सेना के मूल मूल्यों और परंपराओं को द़ढ़ता से संजोये रखने का आह्वान किया गया। इसके बाद कैडटर्स के स्वजनों ने कंधों पर बैच लगाया। भारत की आन-वान और शान का प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा व संविधान के साथ-साथ धार्मिक ग्रंथ का शपथ दिलाया गया। यह दृश्य देखकर नव सैन्य अधिकारी व उनके स्वजन खुशी से झूम उठे।
