नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : ईरान में जारी जंग के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि दुनियाभर में कच्चे तेल और एलपीजी की सप्लाई बाधित हो सकती है। भारत में इसका मामूली असर दिखना शुरू ही हुआ था कि सरकार ने इसके तुरंत निदान के लिए 3 मेंबर्स की कमेटी बना दी है।
दरअसल कई रेस्तरां ने शिकायत की थी कि उन्हें कॉमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे दुकानें बंद करने की नौबत कर आ गई है। इसके बाद सरकार तुरंत हरकत में आ गई और इन समस्याओं के निदान की तैयारी कर ली गई है।
कमेटी सुनेगी शिकायतें
सूत्रों ने बताया कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां अलग-अलग रेस्टोरेंट एसोसिएशन से बात करेंगी ताकि LPG सप्लाई की उनकी दिक्कतों को समझा जा सके। इसके लिए सरकार ने IOC, HPCL और BPCL के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स वाली 3 मेंबर्स की एक कमेटी बनाई है।
यह कमेटी जरूरतों के हिसाब से सप्लाई को रीप्रायोरिटाइज़ भी करेगी। रीप्रायोरिटाइजेशन की वजह से पिछले कुछ दिनों में घरेलू LPG प्रोडक्शन में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। LPG और LNG का कंसाइनमेंट अलग-अलग सोर्स से आ रहा है। बहुत जल्द LPG/LNG का कुछ नया कंसाइनमेंट आने की उम्मीद है।
सरकार का दावा है कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का कोई संकट नहीं है। इंडियन रिफाइनरियां पूरी कैपेसिटी से चल रही हैं जैसे वे ईरान-इजराइल लड़ाई से पहले चल रही थीं। सूत्रों ने कहा कि हम अपनी 70 फीसदी क्रूड ऑयल सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के अलावा दूसरे सोर्स से ले रहे हैं। इसके अलावा रिफाइंड तेल के एक्सपोर्ट पर रोक लगाने का कोई फैसला नहीं किया गया है।
