Bharat 40 देशों से खरीद रहा है तेल, पीयूष गोयल बोले- ईंधन की कोई कमी नहीं

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नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : Strait of Hormuz crisis : ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के चल रहे युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों का आवागमन लगभग पूरी तरह ठप हो गया है। इस संकरे समुद्री मार्ग से वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है, लेकिन ईरानी हमलों और चेतावनियों के चलते टैंकरों की आवाजाही रुक गई है।

ऐसे में भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित रखने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं और अब 40 से अधिक देशों से वैकल्पिक मार्गों के जरिए कच्चा तेल आयात कर रहा है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 60 प्रतिशत अब होर्मुज मार्ग से परे वैकल्पिक रास्तों से आ रहा है। पहले यह हिस्सा करीब 55 प्रतिशत था, जिसे अब बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक पहुंचा दिया गया है। यह बदलाव दशकों पुरानी कुछ ही आपूर्तिकर्ताओं (मुख्य रूप से मध्य पूर्वी देशों) पर निर्भरता से एक बड़ा विचलन है।

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है और वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। फरवरी 2026 के अंत में अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने इस मार्ग को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है।

ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि कोई भी जहाज गुजरने की कोशिश करेगा तो उसे नष्ट कर दिया जाएगा। परिणामस्वरूप, वैश्विक तेल कीमतें तेजी से बढ़ी हैं और आपूर्ति श्रृंखला में गंभीर व्यवधान पैदा हो गया है। निकट भविष्य में इस मार्ग से सामान्य आपूर्ति बहाल होने की कोई संभावना नहीं दिख रही है।

भारत इनसे भी ले रहा तेल
भारत सरकार ने विविधीकरण की नीति के तहत अल्जीरिया, अंगोला, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, ब्राजील, ब्रुनेई, कनाडा, कोलंबिया, इक्वाडोर, मिस्र, इक्वेटोरियल गिनी, घाना, ग्रीस, गिनी, इराक, इज़राइल, दक्षिण कोरिया, कुवैत, लीबिया, मलेशिया, मैक्सिको, नीदरलैंड, नाइजीरिया, नॉर्वे, ओमान, पनामा, कतर, सऊदी अरब, सेनेगल, टोगो, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका और वेनेजुएला सहित कुल 40 देशों से तेल और ऊर्जा संसाधनों का आयात शुरू किया है।

रूस से तेल की आपूर्ति भी जारी
रूस से तेल की आपूर्ति भी जारी है, जो भारत का प्रमुख आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, पिछले महीने प्रतिदिन औसतन 4 लाख बैरल (लगभग 20 प्रतिशत कुल आपूर्ति) रूसी तेल खरीदा गया। यह आपूर्ति मुख्य रूप से समुद्री मार्गों से हो रही है जो होर्मुज से प्रभावित नहीं हैं।

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