नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में पैदा हुई अनिश्चितता के बावजूद, भारत के झंडे वाले दो बड़े मालवाहक जहाज करीब 92 हजार टन एलपीजी लेकर सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, ये जहाज गुजरात के बंदरगाहों पर पहुंचने वाले हैं, जिससे देश में गैस आपूर्ति की स्थिति में सुधार होगा।
गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पर पहुंचेगी खेप
शिपिंग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा के अनुसार, भारत के दो जहाज ‘शिवालिक’ (Shivalik) और ‘नंदा देवी’ (Nanda Devi) ने सफलतापूर्वक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर लिया है।
शिवालिक – 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंचेगा।
नंदा देवी – 17 मार्च को कांडला बंदरगाह पर लंगर डालेगा।
इन दोनों जहाजों में कुल 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी है। वर्तमान में फारस की खाड़ी में 22 अन्य भारतीय जहाज भी मौजूद हैं और उनमें तैनात सभी 611 नाविक सुरक्षित हैं।
पैनिक बुकिंग से बढ़ी मांग, आपूर्ति पर सरकार की नजर
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि यद्यपि भू-राजनीतिक हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन देश में गैस खत्म होने जैसी स्थिति नहीं है।
उन्होंने बताया कि आपूर्ति में बाधा की आशंका के चलते लोगों ने ‘पैनिक बुकिंग’ शुरू कर दी है, जिससे मांग 76 लाख से बढ़कर 88 लाख तक पहुंच गई है। सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं।
