नई दिल्ली, ब्यूरो : भारत सरकार ने कहा कि कच्चे तेल के आयात का 70% हिस्सा अब होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर से होकर गुजर रहा है। ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित बनी हुई है। इसके अलावा, फारस की खाड़ी में भारतीय ध्वज वाले 28 जहाजों की निरंतर निगरानी की जा रही है
पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी बैठक का कल बुधवार को राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजन किया गया था। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने मीडिया को क्षेत्र में बदलती स्थिति के बारे में भारत सरकार द्वारा की जा रही तैयारियों और कदमों के बारे में जानकारी दी।
मीडिया से बातचीत में ऊर्जा आपूर्ति की तैयारियों, समुद्री सुरक्षा, विदेशों में भारतीय नागरिकों के कल्याण और सरकार द्वारा किए जा रहे संचार उपायों पर अद्यतन जानकारी प्रदान की गई।
ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन की उपलब्धता
इस दौरान बताया गया कि भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित बनी हुई है। भारत की दैनिक खपत लगभग 55 लाख बैरल है और विविध खरीद के माध्यम से वर्तमान में प्राप्त मात्राएं इस अवधि के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से सामान्य रूप से आने वाली मात्राओं से अधिक हैं।
भारत अब लगभग 40 देशों से कच्चे तेल का आयात करता है। इसके परिणामस्वरूप, कच्चे तेल के आयात का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा अब होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर के मार्गों से आता है, जबकि पहले यह लगभग 55 प्रतिशत था। कच्चे तेल की दो अतिरिक्त खेपें पहले ही रास्ते में हैं और आने वाले दिनों में पहुंच जाएंगी, जिससे कच्चे तेल की आपूर्ति की स्थिति और मजबूत होगी। देश भर तेल शोधन संयंत्र बहुत उच्च क्षमता स्तर पर काम कर रहे हैं। कुछ मामलों में तो क्षमता उपयोग 100 प्रतिशत से भी अधिक है।
क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा
विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में भारतीय नागरिकों से संबंधित स्थिति पर अद्यतन जानकारी प्रदान की और भारतीय दूतावासों के माध्यम से भारतीय प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।
