नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : विदेश मंत्रालय ने बुधवार को विदेशी मामलों पर संसद की स्थायी समिति को बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच लगभग एक हजार भारतीय अब भी ईरान में हैं।
वहीं, खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लगभग 23 हजार स्कूली छात्र अशांति के कारण सीबीएसई की अंतिम परीक्षाओं में शामिल नहीं हो सके।
समिति के अध्यक्ष शशि थरूर ने पत्रकारों से कहा कि ईरान में अब भी लगभग एक हजार भारतीय हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि उनमें से सभी देश छोड़ना चाहते हों। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले कक्षा 10 और 12 के छात्र सीबीएसई की अंतिम परीक्षा नहीं दे पाए हैं।
आगे बोले कि मैंने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से पूछा कि क्या उन छात्रों के लिए कोई कदम उठाया जा सकता है। मुझे पता चला कि विदेश मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के बीच पहले ही इस बात पर विचार-विमर्श हो चुका है कि सीबीएसई खाड़ी देशों के उन 23 हजार छात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करे, जो परीक्षा नहीं दे सके।
एजेंसी के अनुसार, विदेश मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने बुधवार को पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के प्रभाव पर व्यापक चर्चा की। सदस्यों ने समग्र स्थिति, भारतीय नागरिकों और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा, साथ ही तेल और गैस आपूर्ति से संबंधित प्रश्न पूछे और अपनी चिंताएं साझा कीं।
समिति के अध्यक्ष कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बताया कि प्रवासी भारतीय समुदाय के कल्याण को प्रभावित करने वाले हर मुद्दे पर चर्चा की गई।
