स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने पर, 20 देशों ने की ईरान की निंदा

hormuz

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने पर 20 देशों ने की ईरान की निंदा, UNSC रिजॉल्यूशन की दी दलील

नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया के 20 से ज्यादा देशों ने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में मदद की पेशकश की है। इन देशों ने ईरान द्वारा इस अहम समुद्री मार्ग को बंद करने और जहाजों पर हमलों की कड़ी निंदा भी की है।

यूएई के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में यूएई, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, चेक गणराज्य, रोमानिया, बहरीन, लिथुआनिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने इस मुद्दे पर चिंता जताई।

इन देशों ने कहा कि ईरान द्वारा बिना हथियार वाले व्यापारिक जहाजों और तेल-गैस ढांचे पर किए गए हमले और जलडमरूमध्य को लगभग बंद करना बेहद गंभीर स्थिति है।

अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला

संयुक्त बयान में कहा गया कि समुद्री मार्गों पर स्वतंत्र आवाजाही अंतरराष्ट्रीय कानून का मूल सिद्धांत है, जिसे संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (यूएनसीएलओएस) के तहत मान्यता मिली हुई है। देशों ने चेतावनी दी कि ईरान के इन कदमों का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा, खासकर उन देशों पर जो पहले से कमजोर स्थिति में हैं।

साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का हवाला देते हुए कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग में बाधा और ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है।

सुरक्षित आवाजाही के लिए तैयारी

बयान में कहा गया कि सभी देश मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए तैयार हैं और इस दिशा में चल रही तैयारियों का समर्थन करते हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी द्वारा रणनीतिक तेल भंडार जारी करने के फैसले का भी स्वागत किया गया है, ताकि बाजार में स्थिरता लाई जा सके।

साथ ही तेल उत्पादन बढ़ाने और प्रभावित देशों की मदद के लिए संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के साथ मिलकर काम करने की बात कही गई है।

हालात क्यों बिगड़े ?

यह स्थिति तब पैदा हुई जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए, जिसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र और होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर हमले किए। 1 मार्च से 19 मार्च के बीच इस जलमार्ग से केवल 116 जहाज गुजर पाए, जो सामान्य समय की तुलना में करीब 95% कम है।

होर्मुज जलडमरूमध्य से आमतौर पर दुनिया के करीब 20% तेल और गैस की आपूर्ति होती है। ऐसे में इस मार्ग के प्रभावित होने से वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है।

India’s cricketers will score 200 against New Zealand Designs of Mehendi for Karwa Chauth in 2024 Indian Women’s T20 World Cup Qualifiers Simple Fitness Advice for the Holidays Top 5 Business Schools in the World