नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : केंद्र सरकार ने बताया कि लगभग 94,000 मीट्रिक टन एलपीजी का संयुक्त कार्गो ले जा रहे दो एलपीजी वाहक जहाज, बीडब्ल्यू टीवाईआर और बीडब्ल्यू ईएलएम, सुरक्षित रूप से इस क्षेत्र से भारत के तटों की ओर बढ़ रहे हैं। बीडब्ल्यू टीवाईआर मुंबई की ओर अग्रसर है और इसके 31 मार्च 2026 को पहुंचने की उम्मीद है, जबकि बीडब्ल्यू ईएलएम न्यू मैंगलोर की ओर जा रहा है और इसके 1 अप्रैल 2026 को पहुंचने का अनुमान है।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने सूचित किया है कि क्षेत्र में कार्यरत भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय किए गए हैं। मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है।
बयान में मंत्रालय ने कहा
रविवार को जारी एक बयान में मंत्रालय ने कहा कि पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले कुल 18 जहाज और 485 भारतीय नाविक फंसे हुए हैं। नौवाहन महानिदेशालय (डीजी शिपिंग), जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय दूतावासों के समन्वय से स्थिति पर सक्रिय रूप से नजर रख रहा है। नौवाहन महानिदेशालय कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सातों दिन चालू रहता है और सक्रिय होने के बाद से अब तक 4523 कॉल और 8985 ईमेल का जवाब दे चुका है। पिछले 24 घंटों में 92 कॉल और 120 ईमेल प्राप्त हुए हैं।
इसके साथ ही, नौवाहन महानिदेशालय ने अब तक 942 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी में सहायता की है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 4 नाविक शामिल हैं।
सरकार ने कहा कि भारत भर में पत्तन परिचालन सामान्य रूप से जारी है और कहीं भी भीड़भाड़ की सूचना नहीं है। गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के राज्य समुद्री बोर्डों ने सुचारू संचालन की पुष्टि की है। मंत्रालय नाविकों के कल्याण और निर्बाध समुद्री संचालन सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री हितधारकों के साथ समन्वय करना जारी है।
