ईरान ने होर्मुज में बिछाया मिनी पनडुब्बियों का जाल, समुद्र में मचा देगा तबाही

Hormuz-

नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का आज 39वां दिन है। इजरायल और अमेरिका मिलकर लगातार ईरान पर हमला कर रहे हैं। वहीं ईरानी सेना भी खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रही है।

मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध के मध्य में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है। ईरान इसे अपनी सबसे बड़ी ताकत के रूप में देख रहा है। इस जलमार्ग में ईरान ने कई मिनी पनडुब्बी तैनात की हुई हैं। ये पनडुब्बी समुद्र की गहराई में छिपी हुई हैं।

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिछाया जाल

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान ने बेबी पनडुब्बियां तैनात की हुई हैं। इनमें से 20 से ज्यादा पनडुब्बियां पूरी तरह एक्टिव हैं। ईरान की ये पनडुब्बियां काफी छोटी हैं, लेकिन उतनी ही घातक साबिक हो सकती हैं। इस जलमार्ग में ये बेबी पनडुब्बियां अमेरिकी सेना के लिए घातक बन सकती हैं।

ईरान की इन पनडुब्बियों का नाम गादिर क्लास है, जो कि इलेक्ट्रिक-डीजल पनडुब्बी है। ये पनडुब्बी 29 मीटर लंबी, 9 मीटर चौड़ी है। इन पनडुब्बियों को ऐसे जलमार्ग पर भी छोड़ा जा सकता है, जहां सिर्फ 8.2 मीटर गहरा पानी है।

अमेरिका के लिए पनडुब्बी ढूंढना मुश्किल

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता काफी संकरा और छिछला है। इस जलमार्ग की औसत गहराई 36 मीटर है। कहीं-कहीं पर ये जलमार्ग सिर्फ 20 मीटर ही गहरा है, वहीं तट के पास इसकी गहराई 50 से 110 मीटर के करीब है।

ईरान के पास जो पनडुब्बी हैं, वो 20 मीटर गहरे पानी में भी छिपाई जा सकती हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सोनार सिस्टम भी काम नहीं कर पाता, जिससे किसी भी सेना के लिए इन पनडुब्बियों का पता लगाना मुश्किल हो सकता है।

छोटा पैकेट, बड़ा धमाका

ईरान की ये पनडुब्बी इतनी छोड़ी होती है कि इसमें सिर्फ 7 लोगों का क्रू होता है। ये पनडुब्बियां लंबी-लंबी यात्राएं नहीं कर सकतीं, इन्हें छोटी यात्राओं के लिए ही बनाया गया है।

इन पनडुब्बियों का आकार छोटा होने के बाद भी ये तेज हमलों के लिए बनाई गई हैं। पानी की सतह पर ये पनडुब्बी 19 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हैं, वहीं पानी के अंदर इन मिनी पनडुब्बी की स्पीड 14 किलोमीटर प्रति घंटा के करीब होती है।

ईरान की इन पनडुब्बियों का आकार छोटा है, लेकिन ये घातक हथियार भी अपने साथ ले जा सकती हैं। इन पनडुब्बी में 533 मिलीमीटर की टॉरपीडो ट्यूब हैं।

इस पनडुब्बी का सबसे खतरनाक हथियार हूट सुपरकैविटेटिंग टॉरपीडो है। ये टॉरपीडो पानी में 360 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है। ये टॉरपीडो एयरक्राफ्ट कैरियर जैसे बड़े जहाज को भी तबाह कर सकता है।

सोनार के लिए भी पकड़ पाना मुश्किल

गादिर क्लास पनडुब्बी को ढूंढना किसी भी सेना के लिए इसलिए मुश्किल है, क्योंकि इन पनडुब्बियों को आसानी से पानी के अंदर छिपाया जा सकता है। ये पनडुब्बी समुद्र तल पर आसानी से बैठ सकती है।

गादिर क्लास पनडुब्बी का इंजन बंद कर दिया जाता है। इंजन बंद होने पर सोनार से भी इन्हें नहीं ढूंढा जा सकता है। सोनार पानी के अंदर हथियारों को डिटेक्ट करने वाला यंत्र है। जब इन पनडुब्बियों का इंजन बंद होता है तो सोनार पर ये किसी चट्टान या समुद्र तल की तरह ही दिखती है।

India’s cricketers will score 200 against New Zealand Designs of Mehendi for Karwa Chauth in 2024 Indian Women’s T20 World Cup Qualifiers Simple Fitness Advice for the Holidays Top 5 Business Schools in the World