नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : इजरायल ने बुधवार की रात पूरे लेबनान में हवाई हमलों की झड़ी लगा दी। जानकारी के अनुसार इजरायल ने 10 मिनट के अंदर 100 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए। जिन्हें उसने हिज्बुल्लाह के कमांड सेंटर और सैन्य ठिकाने बताया। इस हमले में 182 लोगों की मौत हुई है। इजरायल ने यह सैन्य अभियान उस समय चलाया जब शांति की बातें की जा रही थीं। इतना ही नहीं, अमेरिका ने दो सप्ताह के लिए सीजफायर का ऐलान भी किया है। इजराइली सेना (IDF) ने ‘ऑपरेशन इटरनल डार्कनेस’ के तहत लेबनान पर अब तक के सबसे बड़े हवाई हमले किए हैं। 9 अप्रैल 2026 को मात्र 10 मिनट के भीतर इजरायल के 50 से अधिक लड़ाकू विमानों ने 100 से अधिक ठिकानों को अपना निशाना बनाया। इन हमलों में दक्षिणी लेबनान, बेरूत और बेका घाटी के सैन्य ठिकानों को ध्वस्त किया गया है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस कार्रवाई में कम से कम 182 लोगों की मौत हुई है और 890 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अबतक 1700 से ज्यादा लोगों की मौत लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस युद्ध के कारण न जाने कितनी जिंदगी मलबे के नीचे दब गई है। अब तक कुल 1,700 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें कम से कम 130 बच्चे शामिल हैं। जबकि इजरायल का कहना है कि उसने हिज्बुल्लाह के लगभग 1,100 लड़ाकों को मार गिराया है। मालूम हो कि ये हमले तब हुए जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दफ्तर ने पाकिस्तान के इस दावे को खारिज कर दिया कि संघर्ष-विराम समझौते में लेबनान भी शामिल है। अमेरिका ने माना लेबनान सीजफायर का हिस्सा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने भी कहा कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है। वहीं दूसरी ओर लेबनान के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि, “वह शांति बनाए रखने के लिए कोशिश जारी रखेंगे। बता दे कि हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच दशकों से चले आ रहे संघर्ष में ताजा तेजी तब आई। Post navigation कोयला मंत्रालय का राजभाषा सम्मेलन, हिंदी के प्रचार पर जोर समुद्र में बिछा दी बारूदी सुरंगें, एक रास्ता छोड़ बाकी कहीं भी फट सकते है बम