रायसेन, संवाददाता : मध्य प्रदेश के रायसेन में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के “उन्नत कृषि महोत्सव” का हजारों किसानों की उपस्थिति में भव्य समापन हुआ। समापन सत्र में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान ने कृषि, तकनीक और ग्रामीण विकास को लेकर बड़े विजन पेश किए।
रायसेन के विकास को मिली नई सौगात
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शिवराज सिंह चौहान की मांग पर रायसेन रिंग रोड/पूर्वी बायपास के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने, डीपीआर तैयार करने और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को गति देने की सहमति दी। साथ ही पुलों के सौंदर्यीकरण और अन्य सड़क परियोजनाओं पर भी सहयोग का भरोसा दिया।
तकनीक आधारित खेती पर जोर
नितिन गडकरी ने कहा कि अब खेती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वेदर स्टेशन, सैटेलाइट डेटा, ड्रोन और नैनो यूरिया जैसी आधुनिक तकनीकों से जुड़ चुकी है। उन्होंने किसानों से इनोवेशन और रिसर्च आधारित खेती अपनाने की अपील की, जिससे लागत घटेगी और उत्पादन बढ़ेगा।
किसान बनेंगे ऊर्जा और ईंधन दाता
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि ऊर्जा दाता, ईंधन दाता और हाइड्रोजन दाता भी बनेंगे। कृषि अवशेष, बायोमास, इथेनॉल, सीएनजी और हाइड्रोजन से किसानों की आय के नए स्रोत विकसित होंगे।
जल संरक्षण पर विशेष जोर
गडकरी ने जल संरक्षण को जरूरी बताते हुए “गांव का पानी गांव में, खेत का पानी खेत में” का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पानी को जमीन में संरक्षित करना भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
डेयरी, मत्स्य और प्रोसेसिंग से बढ़ेगी आय
उन्होंने डेयरी, मत्स्य पालन और ब्लू इकोनॉमी को आय बढ़ाने के अहम माध्यम बताते हुए कहा कि कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग प्लांट और वैल्यू एडिशन की मजबूत व्यवस्था जरूरी है, ताकि किसानों को बेहतर दाम मिल सके।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह महोत्सव समापन नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। उन्होंने बीज से बाजार तक तैयार रोडमैप को जमीन पर उतारने का संकल्प दोहराया और इसके लिए टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की।
किसानों की ‘तस्वीर और तकदीर’ बदलने का भरोसा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और उनकी स्थिति सुधारने के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने तकनीक, बाजार और संसाधनों को जोड़कर कृषि को लाभकारी बनाने पर जोर दिया।
किसानों को मिला हितलाभ
समापन सत्र में किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा समेत कई जनप्रतिनिधि, वैज्ञानिक और हजारों किसान उपस्थित रहे।
