नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जागरूकता के क्षेत्र में गोरखपुर ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ‘एआई फॉर ऑल’ अवेयरनेस प्रोग्राम के तहत एक सप्ताह में रिकॉर्ड 7,64,187 ऑनलाइन पंजीकरण कराकर शहर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है।
सीएम योगी के मार्गदर्शन में बनी सफलता की कहानी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम को तैयार किया गया। इसका उद्देश्य आम लोगों तक एआई की जानकारी पहुंचाना और डिजिटल जागरूकता को बढ़ावा देना है।
एमपीआईटी और टीसीएस की साझेदारी
महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और अन्य संस्थानों के सहयोग से इस कार्यक्रम की शुरुआत की। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधि ऋषि नाथ ने मुख्यमंत्री और एन. चंद्रशेखरन को इस उपलब्धि का प्रमाण पत्र सौंपा।
लक्ष्य से आगे निकला पंजीकरण
एमपीआईटी ने इस कार्यक्रम के लिए 5 लाख पंजीकरण का लक्ष्य रखा था, लेकिन 9 अप्रैल तक यह आंकड़ा 7,64,187 तक पहुंच गया। यह प्रमाण पत्र एमपीआईटी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान दिया गया।
कई शिक्षण संस्थानों की रही भागीदारी
इस पहल में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय सहित कई संस्थानों ने भागीदारी की। गिनीज टीम ने कड़े मानकों पर पंजीकरण प्रक्रिया की जांच के बाद रिकॉर्ड को मान्यता दी।
एआई और डिजिटल सुरक्षा पर मिलेगा प्रशिक्षण
यह पूरी तरह नि:शुल्क कार्यक्रम है, जिसमें एआई का परिचय, जनरेटिव एआई टूल्स, प्रॉम्प्टिंग, साइबर हाइजीन, फ्रॉड प्रिवेंशन, पासवर्ड और ओटीपी सुरक्षा समेत सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी दी जाएगी।
