लखनऊ, संवाददाता : Lucknow Fire Update : विकासनगर सेक्टर-12 सड़क किनारे बस्ती में बुधवार शाम भीषण आग लग गई और देखते ही देखते करीब 200 से ज्यादा झोपड़ियां जलकर खाक हो गईं। यहां शाम करीब 5 बजे एक ‘मस्जिद नुमा’ झोपड़ी से शुरू हुई चिंगारी ने पलक झपकते ही विकराल रूप धारण कर लिया।
चूंकि झोपड़ियां फूस और प्लास्टिक की थीं, इसलिए आग को फैलने में वक्त नहीं लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि आसमान में काले धुएं का गुबार 5 किलोमीटर दूर तक देखा जा सकता था। अवैध बस्ती में लगी इस आग ने चंद घंटों में सैकड़ों परिवारों की खुशियां और आशियाने खाक कर दिए।
पटाके की तरह फटने लगे सिलेंडर
आग लगते ही झुग्गियों में रखे रसोई गैस सिलेंडर एक-एक कर फटने लगे। करीब 100 सिलेंडरों के फटने से हुए धमाकों ने आसपास के पक्के मकानों को भी हिला दिया। दहशत के मारे लोग अपने बच्चों और सामान को छोड़कर जान बचाकर भागे। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने बस्ती के पास बने 30 पक्के घरों को भी खाली करा लिया और ट्रैफिक पूरी तरह रोक दिया या डायवर्ट कर दिया गया।
जिंदा जले कई मवेशी
वहीं, इस भीषण अग्निकांड में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब 50 बकरियां और दो गायें खूंटे पर बंधे होने के कारण जिंदा जल गईं। वहीं, इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है क्योंकि कुछ बच्चों के लापता होने की भी खबर है। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक किसी मानवीय मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
एक घंटे के बाद पहुंची पुलिस व दमकल की गाड़ियां
इस भारी अग्निकांड के बीच पुलिस और प्रशासन की भारी लापरवाही भी उजागर हुई है। दरअसल, स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और दमकल विभाग को सूचना देने के एक घंटे बाद गाड़ियां पहुंचीं, तब तक सैकड़ों झोपड़ियां धूं-धूं कर जलती रहीं।
इस दौरान पुलिस अधिकारियों और जनता के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति को संभालने के लिए डीजी फायर सुजीत पांडेय और पुलिस कमिश्नर समेत भारी पुलिस बल और SDRF की टीम को उतरना पड़ा।
राजनाथ सिंह और CM योगी ने लिया संज्ञान
घटना का पता लगते ही लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने जिलाधिकारी से फोन पर बात की और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने को कहा। इसके अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।
