Bihar : सरकारी अस्पताल में गार्ड बना ‘डॉक्टर’, घायल को लगा दिए टांके

Bagaha-Hospital

पश्चिम चंपारण, संवाददाता : बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को सड़क दुर्घटना में घायल दो लोगों को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया, जहां आरोप है कि गार्ड ने ही उन्हें टांका लगा दिया। इससे पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इधर, बगहा-बेतिया मुख्य मार्ग पर एनएच 727 के शास्त्री नगर स्थित रूबी गैस एजेंसी के पास टेंपो और पिकअप के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया, जिससे चालक समेत दो लोग घायल हो गए। घटना के बाद टेंपो चालक वाहन लेकर फरार हो गया।

स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान लापरवाही के आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।

यहां चिकित्सक डॉ. रामप्रवेश भारती की देखरेख में माइनर ओटी में प्राथमिक उपचार किया गया। इलाज के बाद एक घायल की स्थिति सामान्य बताई गई, जबकि दूसरे घायल सुरेंद्र पासी की हालत गंभीर बनी हुई है। जरूरत पड़ने पर उन्हें रेफर किए जाने की बात कही जा रही है।

गार्ड ने लगाए टांके

घटना के दौरान इलाज को लेकर एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। आरोप है कि अस्पताल में गार्ड द्वारा ही घायलों को स्टिच (टांका) लगाया गया। इस घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां अक्सर गार्ड मरीजों को इंजेक्शन और टांका लगाते नजर आते हैं, जबकि डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं रहते और रोस्टर के अनुसार ड्यूटी का पालन नहीं होता।

घायलों की पहचान उत्तर प्रदेश के जटहां थाना क्षेत्र के जटहां भैरोगंज बाजार निवासी पिकअप चालक वसीम अख्तर और सुरेंद्र पासी के रूप में हुई है। वसीम अख्तर ने बताया कि वे बगहा में मिट्टी का सामान लेने जा रहे थे, तभी तेज रफ्तार टेंपो अचानक सामने आ गया, जिसे बचाने के प्रयास में यह हादसा हो गया।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन होने के बावजूद उसका उपयोग नहीं किए जाने से भी लोगों में नाराजगी है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और व्यवस्था में सुधार की मांग तेज हो गई है।

वहीं, प्रभारी उपाध्यक्ष डॉक्टर एके. तिवारी ने बताया कि अचानक चार पांच मामले आ गए थे। गार्ड को जानकारी थी इसलिए उसकी सहायता ली गई। डॉ. राम प्रवेश भारती स्वयं आयुष चिकित्सक हैं। इनसे अस्पताल प्रबंधन आपातकाल में लगातार काम ले रहा है।

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