नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने हाल ही में अस्पताल का एक वीडियो जारी किया है। इसमें मेडिकल स्टाफ बमबारी के दौरान मरीजों को सुरक्षित जगहों पर ले जाते हुए दिख रहें हैं। एक क्लिप में, नर्स तीन नवजात शिशुओं को सुरक्षित जगह पर ले जाते हुए दिखती है, जबकि दूसरी क्लिप में, जन्म के कुछ ही पलों बाद एक शिशु को तेजी से एम्बुलेंस में ले जाया जा रहा है।
इसके साथ ही, स्टाफ को शिशुओं को खतरे से तेजी से बाहर निकालने के लिए उन्हें फलों की टोकरियों में रखते हुए भी देखा जा सकता है। जानकारी के अनुसार यह वीडियो युद्ध के शुरुआती दिनों के है, जब आस-पास के इलाकों में हवाई हमले हो रहे थे। मालूम हो कि, ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष 28 फरवरी से जारी है। जब अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू किया था।
होर्मुज में नौसेना के बीच टकराव जारी
तब से, होर्मुज जलडमरूमध्य और फारसी की खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है, जिसके चलते तेल की खेप लगभग पूरी तरह से बाधित हो गई है। इस दौरान लगातार नौसेना के बीच बार-बार टकराव हो रहे हैं। हाल के घटनाक्रमों में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरानी छोटी नावों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया और जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों को हटाने के अभियानों को तेज कर दिया।
जिससे तनाव बढ़ने की आशंकाएं और बढ़ गई हैं। अमेरिका ने ईरानी तेल की तस्करी से जुड़े एक और टैंकर को भी जब्त भी कर लिया। जबकि जवाब में ईरान ने कथित तौर पर दो मालवाहक जहाजों पर कब्जा कर लिया, जिससे इस क्षेत्र में समुद्री अराजकता और गहरी हो गई है।
हालांकि, कूटनीतिक प्रयास अभी भी जारी है। इसके अलावा व्हाइट हाउस में बातचीत के बाद ट्रंप ने इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष-विराम को अस्थायी रूप से बढ़ाने की घोषणा की है, जबकि लड़ाई अभी भी जारी है। इस बीच, ईरान का कहना है कि आंतरिक मतभेदों के अमेरिकी दावों के बावजूद उसका नेतृत्व एकजुट है।
