नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क :आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा के सात सांसदों के पार्टी छोड़कर भाजपा में विलय के एलान और उससे जुड़ी सारी औपचारिकता पूरी करने के साथ ही राज्यसभा में भाजपा की ताकत अब और बढ़ गई है।
राज्यसभा में भाजपा के अकेले अब कुल 113 सांसद हो जाएंगे। वहीं राजग गठबंधन का संख्या बल भी बढ़कर अब 146 हो जाएगा। राज्यसभा में बहुमत के लिए सिर्फ 123 सांसदों की जरूरत होती है।
कितनी राज्यसभा सदस्य संख्या ?
राज्यसभा वेबसाइट पर मौजूद आंकड़े के मुताबिक राज्यसभा की कुल सदस्य संख्या 245 है। इनमें से 233 सांसद अलग-अलग राज्यों व संघ शासित क्षेत्रों से निर्वाचित होकर आते है, जबकि 12 सांसद राष्ट्रपति की ओर से नामित होकर भी आते है। मौजूदा समय में निर्वाचित होकर आने वाले सांसदों की एक और नामित सांसदों की पांच सीटें रिक्त है।
राज्यसभा में आप के बचे तीन सांसद
भाजपा की इस बढ़ी ताकत से साथ राज्यसभा में कांग्रेस की अगुवाई वाले आईएनडीआईए गठबंधन के सांसदों की संख्या अब करीब 75 है। इनमें कांग्रेस के 29, टीएमसी के 13 सदस्य शामिल है। गौरतलब है कि अभी तक राज्यसभा में आम आदमी पार्टी से कुल दस सांसद थे। इस अलगाव के बाद उनकी संख्या अब सिर्फ तीन रह गई है।
