पौड़ी, संवाददाता : Pauri News: गींठीछेड़ा झरने के नीचे दुर्गम इलाके में एक गुफा की पहचान की गई है। यहां अंदर जाने के लिए पत्थरों को काटकर बनाई गई छह सीढ़ियां मिली हैं।
पौड़ी के कोट ब्लॉक क्षेत्र में एक प्राचीन सुरंग (गुफा) की खोज की गई है। इसके अंदर जाने के लिए पत्थरों को काटकर बनाई गई छह सीढ़ियां मिली हैं, जो इसके मानव निर्मित होने की संभावना जताती हैं। सुरंग को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई के प्रभारी अधिकारी अनिरुद्ध सिंह बिष्ट के नेतृत्व में टीम ने गींठीछेड़ा झरने के नीचे दुर्गम इलाके में एक गुफा की पहचान की है। प्रभारी अधिकारी बिष्ट ने बताया कि यह जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर है, जहां तक पहुंचने के लिए एक किमी की कठिन पैदल दूरी तय करनी पड़ती है।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार यह गुफा प्राचीन काल में बाहरी आक्रमणों व जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल के रूप में उपयोग में लाई जाती रही होगी
प्रारंभिक आकलन के अनुसार यह गुफा प्राचीन काल में बाहरी आक्रमणों व जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल के रूप में उपयोग में लाई जाती रही होगी। गुफा के भीतर एक समय में लगभग छह से आठ व्यक्तियों के ठहरने की पर्याप्त क्षमता पाई गई है। गुफा का प्रवेश द्वार खड़ी पहाड़ी पर करीब 20 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जिससे वहां पहुंचना जोखिम भरा है।
गुफा के समीप 200 मीटर की दूरी पर एक अन्य सुरंग का मुहाना भी चिन्हित किया गया है। इस आधार पर यह संभावना व्यक्त की जा रही है कि दोनों सुरंगें आंतरिक रूप से एक-दूसरे से जुड़ी हो सकती हैं हालांकि इसकी पुष्टि विस्तृत सर्वेक्षण एवं वैज्ञानिक उत्खनन के पश्चात ही संभव हो सकेगी।
दल ने बताया कि गुफा एवं सुरंग के संबंध में जानकारी प्राप्त करने लिए शीघ्र ही जिला प्रशासन के सहयोग से पुरातत्व विशेषज्ञों की टीम के साथ पुनः विस्तृत अभियान संचालित किया जाएगा।
