नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : मिसाइलों और एयर डिफेंस की इस हाई-टेक जंग में हिजबुल्लाह ने सस्ते और खतरनाक हथियार इस्तेमाल करना शुरू किया है। हैरानी की बात यह है कि इन सस्ते हथियारों को पहचानना और रोकना बेहद मुश्किल है, क्योंकि, बिना किसी वायरलेस सिग्नल के काम करता है।
हिज्बुल्लाह द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाला यह कोई साधारण वायरलेस ड्रोन नहीं है, बल्कि फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन है, यह एक बेहद महीन तार (फाइबर-ऑप्टिक केबल) के जरिए सीधे अपने ऑपरेटर से जुड़ा होता है। जब तक इज़राइल की उन्नत प्रणालियां आसमान में किसी रेडियो सिग्नल की तलाश करती हैं, तब तक यह अदृश्य शिकारी अपना काम तमाम कर चुका होता है।
दरअसल, आज के करीब दो साल पहले, हिजबुल्लाह को निशाना बनाकर किए गए एक समन्वित इजरायली हमले में लेबनान भर में हजारों पेजर कुछ ही सेकंड के अंतराल में फट गए। इन धमाकों में दो बच्चों सहित कम से कम 32 लोग मारे गए और हजारों अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
इसके बाद अब हिजबुल्लाह ने अपना खुद का हथियार ढूंढ लिया है और वह इसके जरिए इजरायली लोगों पर हमले कर रहा है। हिजबुल्लाह द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे इस ड्रोन को रोका नहीं जा सकता है।
यह फाइबर ऑप्टिक क्वाडकॉप्टर ड्रोन आकार में छोटा है, लेकिन वजन में कुछ किलोग्राम का है, फिर भी सटीक निशाना लगाने में सक्षम है। इसकी खतरनाकता इसके आकार में नहीं, बल्कि इसे नियंत्रित करने के तरीके में है।
वायरलेस सिग्नल पर निर्भर रहने वाले पारंपरिक ड्रोनों के विपरीत, फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन अपने ऑपरेटर से एक भौतिक केबल के माध्यम से जुड़ा होता है। इसी एक अंतर के चलते वह सब कुछ बदल देता है।
क्यों है इजरायल के लिए चुनौती ?
इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा अध्ययन संस्थान के वरिष्ठ शोधकर्ता येहोशुआ कालिस्की ने सीएनएन को बताया कि ड्रोन संचार जैमिंग से अप्रभावित हैं, और इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर की अनुपस्थिति में, यह पता लगाना भी असंभव है कि उन्हें कहां से लॉन्च किया गया।
कैमरे में कैद हुआ एक घातक हमला
रविवार को हिजबुल्लाह ने एक ड्रोन की गतिविधि का वीडियो जारी किया। फुटेज में दिखाया गया कि ड्रोन के हमले से पहले इजरायली सैनिकों को आने वाले खतरे की कोई जानकारी नहीं थी। इजरायल रक्षा बलों ने पुष्टि की कि हमले में 19 वर्षीय सार्जेंट इदान फूक्स की मौत हो गई और कई अन्य सैनिक घायल हो गए। जब घायलों को निकालने के लिए एक बचाव हेलीकॉप्टर पहुंचा, तो हिजबुल्लाह ने उस पर भी ड्रोन से हमले किए।
IDF के एक अधिकारी ने CNN को बताया, “यह तरीका पूरी तरह से अचूक नहीं है, उतना तो बिल्कुल नहीं, जितना हम चाहते हैं। यह एक ऐसा खतरा है जिसके हिसाब से हम अभी भी खुद को ढालने की कोशिश कर रहे हैं।” सेना अपनी जवाबी कार्रवाई को बेहतर बनाने के लिए अपनी खुफिया शाखा के साथ मिलकर काम कर रही है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।
