नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : नेपाल में झुग्गी-झोपड़ी हटाने की कार्रवाई पर अब न्यायपालिका ने सख्त रुख अपनाया है। नेपाल सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह काठमांडू घाटी में अतिक्रमण हटाने के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया का पूरा ब्यौरा पेश करे।
जानकारी के अनुसार, बालेन्द्र शाह के नेतृत्व में काठमांडू में दो हजार से अधिक अस्थायी ढांचे गिराए गए, जबकि राजधानी के बाहर भी कई जिलों में झुग्गी बस्तियों को हटाया गया।
सरकार ने इस कदम को शहर के सौंदर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा है, लेकिन इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक दलों, मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक समूहों ने कड़ी आलोचना की है।
