नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क :पश्चिम एशिया में युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान 14 सूत्रीय एक पृष्ठ के समझौते के करीब पहुंच गए हैं और दोनों पक्षों के बीच कभी भी समझौता हो सकता है। अमेरिका ने ईरान के विरुद्ध ऑपरेशन एपिक फ्यूरी पूरा होने की घोषणा भी कर दी है और ईरान की ओर से सकारात्मक रुख देखकर होर्मुज स्ट्रेट में प्रोजेक्ट फ्रीडम भी रोक दिया है।
संभावित समझौते की खबरों से दुनियाभर में तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई और ब्रेंट क्रूड 11 प्रतिशत गिरकर लगभग 98 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। दुनियाभर में शेयर की कीमतों में भी उछाल दर्ज किया गया।
सुबह-सुबह एक इंटरनेट मीडिया पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने किसी खास प्रस्ताव का कोई विवरण नहीं दिया, लेकिन कहा कि अगर ईरान वह देने को तैयार हो जाता है जिस पर सहमति बनी है, तो युद्ध खत्म हो सकता है। साथ ही होर्मुज स्ट्रेट ईरान समेत सभी देशों के लिए खुल जाएगा।
एजेंसी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ने साथ ही कहा, ”अगर वे राजी नहीं होते हैं, तो बमबारी शुरू हो जाएगी
एजेंसी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ने साथ ही कहा, ”अगर वे राजी नहीं होते हैं, तो बमबारी शुरू हो जाएगी, और दुख की बात है कि यह पहले से कहीं अधिक और तीव्र होगी।” कुछ घंटे पहले ट्रंप ने शांति वार्ता में शानदार प्रगति का हवाला देते हुए ”प्रोजेक्ट फ्रीडम” रोकने की घोषणा की।
यह एक मिशन था जिसकी घोषणा उन्होंने दो दिन पहले होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को निकालने के लिए की थी। यह मिशन नाकाम रहा और इसके बाद ईरान ने स्ट्रेट में जहाजों व पड़ोसी देशों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था।
इससे पहले मंगलवार को व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, ”ऑपरेशन एपिक फ्यूरी अब खत्म हो चुका है। हमने इस ऑपरेशन का मकसद हासिल कर लिया है।”
सूत्रों का कहना है कि एक पृष्ठ के प्रस्तावित 14-सूत्रीय समझौते से युद्ध औपचारिक रूप से खत्म हो जाएगा। इसके बाद होर्मुज स्ट्रेट से नौवहन खोलने, ईरान पर से अमेरिकी प्रतिबंध हटाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने पर बातचीत होगी।
दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के एक सूत्र ने भी कहा, ”हम इसे बहुत जल्द अंतिम रूप दे देंगे
दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के एक सूत्र ने भी कहा, ”हम इसे बहुत जल्द अंतिम रूप दे देंगे। हम करीब पहुंच रहे हैं।”
बुधवार को चीन की यात्रा के दौरान अपनी टिप्पणियों में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप की ताजा टिप्पणियों का कोई जिक्र नहीं किया, लेकिन कहा कि तेहरान सिर्फ एक निष्पक्ष और व्यापक समझौते को ही स्वीकार करेगा।
अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनबीसी ने ईरानी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता के हवाले से बताया कि तेहरान, अमेरिका के 14-सूत्रीय प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। ईरान जल्द ही पाकिस्तान के जरिये अपना जवाब देगा।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का भी कहना है कि अगर अमेरिकी खतरा समाप्त हो जाता है, तो उसकी ओर से लागू शर्तों के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट से गुजरना मुमकिन होगा। हालांकि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इन शर्तों का कोई विवरण नहीं दिया।
मध्यस्थता के बारे में जानकारी देने वाले सूत्र ने बताया कि अमेरिकी वार्ता का नेतृत्व ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर कर रहे हैं। अगर दोनों पक्ष शुरुआती डील पर सहमत हो जाते हैं, तो पूरे समझौते पर पहुंचने के लिए 30 दिनों की विस्तृत वार्ता शुरू हो जाएगी।
पूरे समझौते में अमेरिका द्वारा प्रतिबंध हटाना और ईरान के फ्रीज किए हुए फंड को जारी करना,
सूत्र ने कहा कि पूरे समझौते में अमेरिका द्वारा प्रतिबंध हटाना और ईरान के फ्रीज किए हुए फंड को जारी करना, ईरान व अमेरिका द्वारा होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी को हटाना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाना शामिल होगा, जिसका मकसद ईरान के यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगाना है।
सूत्रों ने कहा कि शुरुआत में दोनों तरफ से रियायत की जरूरत नहीं होगी, लेकिन उन मांगों का उल्लेख नहीं किया जो पूर्व में अमेरिका ने की थी, लेकिन ईरान ने खारिज कर दी थीं। इन मांगों में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर रोक और पश्चिम एशिया में आतंकी संगठनों को समर्थन बंद करना शामिल था।
सूत्रों ने भविष्य में ईरान के यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगाने की बात तो कही, लेकिन उन्होंने ईरान के मौजूदा 400 किलोग्राम से अधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार जिक्र नहीं किया।
जल्द से जल्द होर्मुज खोले ईरान : चीन
चीन ने बुधवार को ईरान से आग्रह किया कि वह जितनी जल्दी हो सके होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल दे। साथ ही ईरान की उस प्रतिबद्धता की सराहना की कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा, लेकिन परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल की उसके अधिकार की पैरवी की। युद्ध समाप्त करने के लिए ट्रंप की यह प्रमुख मांग है।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अराघची के साथ बातचीत के दौरान कहा, ”इस स्ट्रेट के जरिये सामान्य एवं सुरक्षित आवागमन बहाल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा चिंता है और चीन को उम्मीद है कि संबंधित पक्ष अंतरराष्ट्रीय समुदाय की इस अपील पर जल्द से जल्द प्रतिक्रिया देंगे।”
वांग यी ने जोर देकर कहा कि पश्चिम एशिया में पूर्ण युद्धविराम किया जाना चाहिए और दोनों पक्षों के बीच आमने-सामने की वार्ता पर जोर दिया। रूबियो ने एक दिन पहले चीन से कहा था कि वह ईरान को होर्मुज खोलने के लिए कहे।
