कोलकाता , संवाददाता : नगर पालिका भर्ती घोटाले में गिरफ्तार बंगाल सरकार के पूर्व मंत्री सुजित बसु पर फर्जी कंपनियों और रेस्तरां कारोबार के जरिए करोड़ों रुपये के काले धन को सफेद करने का गंभीर आरोप लगा है।
मंगलवार को बैंकशाल कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी ने दावा किया कि सुजित और उनके परिवार के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन मिले हैं।
जांच एजेंसी ने दावा किया कि कोरोना काल में फर्जी कंपनियों, रेस्तरां और अन्य कारोबार के माध्यम से अवैध रकम को वैध दिखाने की कोशिश की गई। मालूम हो कि सोमवार को ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद सुजित को गिरफ्तार किया था। मंगलवार सुबह स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद उन्हें बैंकशाल कोर्ट में पेश किया गया।
ईडी के वकील ने अदालत में कहा कि कोविड काल और लाकडाउन के दौरान जब रेस्तरां बंद थे और कर्मचारी घर लौट चुके थे
ईडी के वकील ने अदालत में कहा कि कोविड काल और लाकडाउन के दौरान जब रेस्तरां बंद थे और कर्मचारी घर लौट चुके थे, तब भी सुजित से जुड़े रेस्तरां में करोड़ों रुपये का कारोबार दिखाया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार, एक चीनी रेस्तरां और अन्य प्रतिष्ठानों में भारी नकद जमा के प्रमाण मिले हैं। ईडी का दावा है कि लाकडाउन के दौरान ही एक रेस्तरां में 1.11 करोड़ रुपये की बिक्री दिखाई गई, जबकि उस समय कारोबार पूरी तरह बंद था।
सुजित के निजी खाते में 2.2 करोड़ रुपये जमा होने का भी दावा किया गया। ईडी ने अदालत को बताया कि दक्षिण दमदम पालिका में करीब 150 अभ्यर्थियों के नाम अवैध तरीके से सिफारिश किए गए थे।
जांच में गिरफ्तार अयन शील के डिजिटल डाटा से यह जानकारी सामने आई है। निताई दत्त नामक व्यक्ति के जरिए नियुक्तियों की सिफारिश होने का भी आरोप लगाया गया।
ईडी का कहना है कि कई स्त्रोतों से पैसा लेकर उसे अलग-अलग माध्यमों से ‘चैनलाइज’ किया गया। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि स्वभूमि प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी में भी रहस्यमय वित्तीय लेनदेन हुए हैं।
