नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ईरान पर नए सैन्य हमले से “सिर्फ एक घंटे दूर” था, लेकिन अंतिम समय में उन्होंने इसे फिलहाल टालने का फैसला किया।
ट्रंप के मुताबिक, यह निर्णय ईरान की ओर से मिले नए शांति संकेतों और कतर, सऊदी अरब तथा संयुक्त अरब अमीरात जैसे अरब देशों की अपील के बाद लिया गया।हालांकि ट्रंप ने साफ किया कि यदि आने वाले दो-तीन दिनों में कोई स्वीकार्य परमाणु समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका पूरी ताकत के साथ हमला कर सकता है। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा रविवार तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
अमेरिकी सेना को फिलहाल प्रस्तावित कार्रवाई रोकने के निर्देश- ट्रंप
न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, ट्रंप ने अपने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि अमेरिकी सेना को फिलहाल प्रस्तावित कार्रवाई रोकने के निर्देश दे दिए गए हैं, लेकिन उसे पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह हमला कथित तौर पर “ऑपरेशन स्लेजहैमर” के तहत किया जाना था।
इस बीच, अमेरिकी प्रशासन ने सैन्य तैयारी भी तेज कर दी थी। ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर चर्चा की, व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक की और अमेरिका ने हथियारों व सैन्य उपकरणों से भरे कई विमान इजरायल भेजे।
कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट
रायटर्स के अनुसार, तनाव के असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखाई दिए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट आई, लेकिन कीमतें अब भी 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर (110 डॉलर) बनी हुई हैं। अमेरिकी ऊर्जा विभाग के अनुसार, देश का रणनीतिक तेल भंडार घटकर 37.4 करोड़ बैरल रह गया है, जो जुलाई 2024 के बाद सबसे निचला स्तर है। कीमतों पर नियंत्रण के लिए अमेरिका को पिछले सप्ताह करीब 10 लाख बैरल तेल जारी करना पड़ा।
ईरान ने कड़ा रुख अपनाया
एएनआई के अनुसार, ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी सेना की संयुक्त कमान ‘खातम अल-अनबिया’ के प्रमुख अली अब्दोल्लाही ने चेतावनी दी कि अमेरिकी हमले का “त्वरित, व्यापक और निर्णायक” जवाब दिया जाएगा। सुप्रीम लीडर के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने कहा कि ईरानी सेना के “लोहे के पंजे” अमेरिका को पीछे हटने पर मजबूर कर देंगे।
ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अक्रमिनिया ने भी संकेत दिए कि किसी भी हमले की स्थिति में नए मोर्चे खोले जाएंगे और नए हथियारों व रणनीतियों का इस्तेमाल होगा। उन्होंने कहा कि ईरान को न तो घेरा जा सकता है और न हराया जा सकता है। उन्होंने अमेरिका को इजरायली झांसे में आने से बचने की सलाह भी दी।
