संतों के तप परंपरा व गंगा की धारा से जीवित है भारतीय संस्कृति- नितिन नवीन

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ऋषिकेश, संवाददाता :भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को परमार्थ निकेतन पहुंचकर गंगा पूजन और आरती में सहभाग किया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के परमार्थ निकेतन पहुंचने पर संत समाज ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया। गंगा तट पर आयोजित कार्यक्रम में नितिन नवीन ने मां गंगा की आरती में भाग लेते हुए देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

नितिन नवीन ने कहा कि गंगा के पावन तट पर आना एक आत्मीय अनुभूति है। संत समाज ने हर विपरीत परिस्थिति में भारत को नई दिशा देने का कार्य किया है। भारत की सभ्यता और संस्कृति को संतों की तप परंपरा ने सदियों से जीवित रखा है। यही तप और आध्यात्मिक चेतना आज भी आम जनमानस को संस्कारों और संस्कृति से जोड़ने का कार्य कर रही है।

जब तक गंगा की धारा प्रवाहित होती रहेगी, तब तक भारत में भारतीय संस्कृति, परंपराएं व संतों का आशीर्वाद प्राप्त होता रहेगा। स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि भारत की आत्मा उसकी आध्यात्मिकता में बसती है। जब संत, शासन, समाज और युवा शक्ति एक साथ राष्ट्रहित और मानवता के कल्याण के लिए आगे बढ़ते हैं, तब एक सशक्त, समृद्ध और संस्कारित भारत का निर्माण होता है।

उन्होंने कहा कि आज का समय विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ने का है तथा वर्तमान सरकार इस संकल्प को उत्कृष्टता के साथ साकार कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, डॉ. धन सिंह रावत, उपाध्यक्ष योजना आयोग उत्तराखंड विनय रोहेल्ला, यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट आदि मौजूद रहे।