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एवियन, डिजिटल डेस्क : क्रिटिकल मिनरल्स के लिए चीन पर निर्भरता कम करने की जी7 नेताओं ने अहम कदम उठाया है। उन्होंने बुधवार को क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई चेन पर तालमेल बढ़ाने पर सहमति जताई। उन्होंने स्टाक जमा करने के लिए तालमेल बिठाने के साथ ही इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आइईए) की बड़ी भूमिका वाले एक नए सहयोग मंच के लिए योजनाएं बनाईं।

पश्चिमी देश रक्षा, टेक्नोलाजी और रिन्यूएबल एनर्जी के लिए जरूरी धातुओं के स्रोतों में विविधता लाने और चीनी उत्पादों पर अपनी निर्भरता कम करने की होड़ में लगे हैं। पिछले साल चीन ने जब परमानेंट मैग्नेट के निर्यात पर रोक लगाई थी, तो कुछ उद्योगों का काम लगभग ठप हो गया था, जिससे दुनिया की एक ही स्रोत पर निर्भरता उजागर हुई और वैश्विक अर्थव्यवस्था में हलचल मच गई।

नेताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा, ‘हम एक जैसे और आपस में तालमेल बिठाने वाले तंत्र बनाने की दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसकी शुरुआत दो अहम खनिजों (लिथियम और निकेल) से होगी और इसका मकसद प्रतिस्पर्धा को कमजोर किए बिना या लागत का बहुत ज्यादा बोझ डाले बिना काम करना होगा।’

उन्होंने कहा कि जी7 पालिसी, डाटा-शेयरिंग और संकट के समय प्रतिक्रिया के लिए तालमेल बिठाने के मकसद से एक खास मंच भी बनाएगा। यह मंच बाजार पर नजर रखने और जोखिमों की पहचान करने के लिए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के साथ मिलकर काम करेगा। समूह ने कहा कि यह मंच विश्लेषण और बाजार में गड़बड़ियों की शुरुआती चेतावनी देने के लिए एजेंसी की मदद लेगा।