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नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : जंतर-मंतर के साथ ही रांची में हुए छात्र आंदोलन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का भी जोर युवाओं की ओर बढ़ा है। इसलिए 19 से 21 अगस्त के बीच विशाखापत्तनम में सरसंघचालक व सरकार्यवाह की मौजूदगी में भाजपा, एबीवीपी समेत 32 संगठनों के शीर्ष पदाधिकारियों की अखिल भारतीय समन्वय बैठक होने जा रही है। इस बैठक में युवाओं को केंद्र में रखते हुए एक रोडमैप तैयार किया जाएगा।

प्रति वर्ष होने वाली इस समन्वय बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी सह सरकार्यवाह और अन्य केंद्रीय अधिकारियों की विशेष मौजूदगी रहेगी। कुल 327 प्रतिनिधियों के आने की उम्मीद है।

इस बैठक में युवा आंदोलनों के साथ शिक्षा व परीक्षा व्यवस्था को लेकर उनकी दिक्कतों व अपेक्षाओं के साथ उनके लिए बड़ा मुद्दा बन रहे रोजगार पर भी चर्चा होगी। स्वरोजगार प्रेरित करने पर भी जोर होगा।

शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों को अब युवा लक्षित करने पर विशेष जोर है। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं, आने वाले समय में सभी संगठन उस दिशा में क्या कर सकते हैं, इस पर भी बैठक में चर्चा होगी।

नशा मुक्ति के साथ ही युवाओं में जागृति लाने के लिए अन्य विषयों पर भी विचार विमर्श होगा। बैठक में देश की वर्तमान स्थिति, सामाजिक परिवर्तन और समस्याओं के समाधान की समीक्षा की जाएगी। जनसांख्यिकीय असंतुलन, डेमोग्राफिक बदलाव के परिणामों और उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों पर भी विचार-विमर्श होगा।

संघ के प्रति बढ़ा युवाओं का आकर्षण

संघ शताब्दी वर्ष में युवाओें का आरएसएस के प्रति आकर्षण बढ़ा है। संघ की वेबसाइट पर “ज्वॉइन आरएसएस” के माध्यम से वर्ष 2025 में जनवरी से जुलाई के बीच 55 हजार 423 लोगों ने संघ से जुड़ने के लिए पंजीकरण करवाया था।

2026 में इसी अवधि के बीच यह संख्या ढाई गुना बढ़कर एक लाख 23 हजार 287 हो गई है। जुलाई 2025 में इनकी संख्या 9718 रही, जबकि जुलाई 2026 में 24 हजार 86 लोगों ने पंजीकरण कराया है। इनमें 30 वर्ष से कम आयु के युवा करीब 65 प्रतिशत हैं।