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लखनऊ, डॉ.जितेंद्र बाजपेयी :Up News: 4200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर 14 जुलाई से वाहनों का संचालन शुरू होगा। सोमवार को उन्नाव के झाऊखेड़ा गांव में आयोजित समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की मौजूदगी में एक्सप्रेसवे का लोकार्पण कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया।

लखनऊ और कानपुर के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों मुसाफिरों के लिए मंगलवार 14 जुलाई से सफर का एक नया और स्वर्णिम अध्याय शुरू होने जा रहा है। सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी मौजूदगी में जिस 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया था, वह कल से आम जनता के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। करीब 4,200 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार यह छह-लेन एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की सबसे आधुनिक और हाई-स्पीड सड़क परियोजनाओं में से एक है।

उन्नाव के झाऊखेड़ा में हुआ भव्य लोकार्पण, प्रदर्शनी का हुआ अवलोकन

इस बहुप्रतीक्षित एक्सप्रेसवे का औपचारिक उद्घाटन सोमवार को उन्नाव के झाऊखेड़ा गांव में आयोजित एक विशाल समारोह के दौरान किया गया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। लोकार्पण की रस्म से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा लगाई गई एक विशेष तकनीकी प्रदर्शनी का बारीकी से अवलोकन किया।

एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी अतिथियों को इस एक्सप्रेसवे के निर्माण में इस्तेमाल की गई 3D इंफ्रास्ट्रक्चर तकनीक, अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा मानकों और भविष्य के विस्तार की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

कल से लागू होगा टोल टैक्स, सुरक्षा के लिए सख्त नियम लागू

14 जुलाई यानी मंगलवार की सुबह से इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों का संचालन विधिवत शुरू होने के साथ ही टोल वसूली की प्रक्रिया भी प्रभावी हो जाएगी

14 जुलाई यानी मंगलवार की सुबह से इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों का संचालन विधिवत शुरू होने के साथ ही टोल वसूली की प्रक्रिया भी प्रभावी हो जाएगी। चूंकि यह एक पूरी तरह से हाई-स्पीड और कंट्रोल्ड-एक्सेस कॉरिडोर है, इसलिए एनएचएआई ने यात्रियों की सुरक्षा और रफ्तार को बनाए रखने के लिए बेहद कड़े नियम लागू किए है

लखनऊ और कानपुर के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों मुसाफिरों के लिए मंगलवार 14 जुलाई से सफर का एक नया और स्वर्णिम अध्याय शुरू होने जा रहा है। सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी मौजूदगी में जिस 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया था, वह कल से आम जनता के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। करीब 4,200 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार यह छह-लेन एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की सबसे आधुनिक और हाई-स्पीड सड़क परियोजनाओं में से एक है।

Lucknow-Kanpur Expressway to open for traffic from July 14, travel time cut to 35-45 minutes

उन्नाव के झाऊखेड़ा में हुआ भव्य लोकार्पण, प्रदर्शनी का हुआ अवलोकन

इस बहुप्रतीक्षित एक्सप्रेसवे का औपचारिक उद्घाटन सोमवार को उन्नाव के झाऊखेड़ा गांव में आयोजित एक विशाल समारोह के दौरान किया गया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। लोकार्पण की रस्म से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा लगाई गई एक विशेष तकनीकी प्रदर्शनी का बारीकी से अवलोकन किया।

Lucknow-Kanpur Expressway to open for traffic from July 14, travel time cut to 35-45 minutes

एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी अतिथियों को इस एक्सप्रेसवे के निर्माण में इस्तेमाल की गई 3D इंफ्रास्ट्रक्चर तकनीक, अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा मानकों और भविष्य के विस्तार की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

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Lucknow-Kanpur Expressway to open for traffic from July 14, travel time cut to 35-45 minutes

कल से लागू होगा टोल टैक्स, सुरक्षा के लिए सख्त नियम लागू

14 जुलाई यानी मंगलवार की सुबह से इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों का संचालन विधिवत शुरू होने के साथ ही टोल वसूली की प्रक्रिया भी प्रभावी हो जाएगी। चूंकि यह एक पूरी तरह से हाई-स्पीड और कंट्रोल्ड-एक्सेस कॉरिडोर है, इसलिए एनएचएआई ने यात्रियों की सुरक्षा और रफ्तार को बनाए रखने के लिए बेहद कड़े नियम लागू किए हैं।

Lucknow-Kanpur Expressway to open for traffic from July 14, travel time cut to 35-45 minutes

Lucknow-Kanpur Expressway

इस एक्सप्रेसवे पर केवल कार, जीप, बस, ट्रक और अन्य भारी वाणिज्यिक मोटर वाहनों को ही चलने की इजाजत होगी। एक्सप्रेसवे पर हादसों को रोकने और रफ्तार में बाधा न बनने के लिए दोपहिया (बाइक/स्कूटर), तिपहिया (ऑटो/विक्रम), साइकिल, ट्रैक्टर, ई-रिक्शा, पशु चालित वाहनों और अन्य सभी धीमी गति से चलने वाले वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।

डेढ़ घंटे की दूरी सिर्फ 35 से 45 मिनट में होगी पूरी

इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा समय और ईंधन की बचत के रूप में मिलेगा। वर्तमान में लखनऊ से कानपुर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर चलने वाले वाहनों को भारी ट्रैफिक जाम, चौराहों और स्थानीय भीड़भाड़ के कारण 1.5 से 2 घंटे तक का लंबा समय लग जाता है।

लेकिन कल से एक्सप्रेसवे के जरिए यह दूरी सिमटकर महज 35 से 45 मिनट की रह जाएगी। इससे न सिर्फ एनएच-27 पर गाड़ियों का दबाव बेहद कम हो जाएगा, बल्कि उन्नाव और आसपास के शहरों में लगने वाले लंबे और कष्टदायक जाम से भी हमेशा के लिए बड़ी राहत मिल जाएगी।

उन्नाव बनेगा मुख्य हब, इंटरचेंज से आसान होगी राह

भौगोलिक दृष्टि से इस परियोजना का सबसे बड़ा और सीधा लाभ उन्नाव जिले को मिलने जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कानपुर-लखनऊ नेशनल हाईवे के साथ-साथ उन्नाव-लालगंज मार्ग से भी जोड़ा गया है। एक्सप्रेसवे के रूट पर बनी, गंगाघाट, करेर पतारी, कोरारी और अमरसस के पास विश्वस्तरीय इंटरचेंज बनाए गए हैं। इन इंटरचेंज के माध्यम से उन्नाव, रायबरेली, कानपुर और लखनऊ के बीच गाड़ियों का आना-जाना पहले की तुलना में बेहद सुगम और सीधा हो जाएगा।

औद्योगिक क्रांति को मिलेगी रफ्तार, व्यापार में होगा बड़ा मुनाफा

व्यावसायिक और औद्योगिक दृष्टिकोण से यह एक्सप्रेसवे दोनों महानगरों के लिए लाइफलाइन साबित होगा। कानपुर के चमड़ा, कपड़ा और भारी औद्योगिक क्षेत्र को लखनऊ के प्रशासनिक एवं आईटी हब के साथ सुपरफास्ट कनेक्टिविटी मिलने से माल ढुलाई की लागत में भारी गिरावट आएगी। उद्योगों को कच्चा माल लाने और तैयार माल भेजने के लिए एक बेहतरीन कॉरिडोर मिल गया है, जिससे क्षेत्र में नए डोमेस्टिक और फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट की राह खुलेगी। इसके अलावा, शिक्षा, चिकित्सा और नौकरियों के सिलसिले में रोजाना अप-डाउन करने वाले हजारों मध्यमवर्गीय परिवारों का हर महीने हजारों रुपये का ईंधन बचेगा।