बीजिंग,डिजिटल डेस्क : चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने मंगलवार को शिनजियांग प्रांत के पार्टी प्रमुख मा शिंगरुई को पार्टी से निष्कासित कर दिया। शिगरुई को कम्युनिस्ट पार्टी से निकाले जाने के साथ ही जनता के लिए कार्य करने से भी रोक दिया गया है। ऐसा कामकाज में भ्रष्टाचार उजागर होने और पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करने के चलते किया गया है। मा चीन में निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य भी थे। उनका मामला जांच एजेंसियों को सौंप दिया गया है जिससे कानून के अनुसार उन पर कार्रवाई की जा सके। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार पोलित ब्यूरो ने कहा, मा ने अपने कार्यों से आदर्शों को चोट पहुंचाई और विश्वास खो दिया है। उन्होंने राजनीतिक आस्था त्याग दी, पार्टी के सिद्धांतों के साथ गद्दारी की और राजनीतिक अनुशासन व नियमों का गंभीर उल्लंघन किया। 67 वर्षीय मा कम्युनिस्ट पार्टी के 24 सदस्यों वाले पोलित ब्यूरो में वरिष्ठता क्रम में तीसरे नंबर के सदस्य थे। कम्युनिस्ट पार्टी 2022 से उनके कार्यों की जांच करवा रही थी कम्युनिस्ट पार्टी 2022 से उनके कार्यों की जांच करवा रही थी। पोलित ब्यूरो के इतने वरिष्ठ नेता के भ्रष्टाचार में लिप्त होने का मामला 105 वर्ष पुरानी पार्टी में हाल के दशकों में सामने नहीं आया है। जांच में सामने आया कि मा ने अपनी राजनीतिक और सांगठनिक हैसियत का इस्तेमाल कर परिवार के सदस्यों को मकान और अन्य अचल संपत्तियां बाजार मूल्य से कम पर दिलवाईं। परिवारीजनों को सत्ता के बड़े लाभ दिलवाए। इस दौरान उन्होंने सत्ता की ताकत और यौन संबंधों का भी घालमेल किया। इतना ही नहीं मा ने अपनी हैसियत से कई लोगों को व्यापारिक लाभ दिलाया, ठेके दिलवाए और परियोजनाओं को स्वीकृत करवाया। इस सबके बदले उन्होंने और उनके रिश्तेदारों ने कंपनियों से रिश्वत या कीमती वस्तुएं लीं। कम्युनिस्ट पार्टी ने मा को पार्टी से निष्कासित करने का आदेश दिया है। उनके सरकारी पद और जिम्मेदारियां छीन ली गई हैं। मा और उनके परिवार द्वारा अवैध रूप से प्राप्त की गई सारी संपत्ति जब्त कर ली गई है। साथ ही जल्द होने वाले कम्युनिस्ट पार्टी के 20 वें राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल होने के लिए जारी उनके प्रवेश पत्र को रद कर दिया गया है Post navigation फ्रांस ने ड्रोन हमलों से निपटने के लिए राफेल में लगाए कम कीमत वाले रॉकेट हूती ने चार साल पुराना युद्धविराम तोड़ा, सऊदी अरब पर दागीं मिसाइलें