नई दिल्ली, एंटरटेनमेंट डेस्क : लता मंगेशकर और जगजीत सिंह दोनों ही हिंदी सिनेमा के दिग्गज सिंगर्स हैं। एक तरफ जहां सुर सम्राज्ञी ने एक से बढ़कर एक हिट गाने दिए, तो वहीं जगजीत सिंह ने कई ऐसी गजलें गाईं, जो हमेशा के लिए अमर हो गईं। म्यूजिक की दुनिया की ये जादुई आवाज गजल में एक साथ भी सुनाई देती, लेकिन 34 साल पहले जिस फिल्म के लिए लता मंगेशकर और जगजीत सिंह ने गाया, वह कभी सिनेमाघरों तक पहुंच ही नहीं पाई। कौन सी थी वह दर्दभरी गजल जिसका वीडियो कभी नहीं हुआ रिलीज, पढ़ें डिटेल्स। 34 साल पहले ‘मजबूर प्यार’ पर बनाई थी गजल लता मंगेशकर और जगजीत सिंह ने वैसे तो दो डुएट गजल साथ में गाई हैं, लेकिन हम जिस गाने का जिक्र अपने इस लेख में कर रहे हैं, वह साल 1992 में बनी फिल्म ‘नरगिस’ का है, जिसमें हेमा मालिनी ने मुख्य भूमिका निभाई थी। यह गजल थी ‘दोनों के दिल हैं मजबूर प्यार से’। गाने का म्यूजिक बासु चक्रवर्ती ने दिया था और इसके लिरिक्स मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह गजल मेकर्स ने लता मंगेशकर और जगजीत सिंह की आवाज में रिकॉर्ड तो कर लिया, लेकिन इसका वीडियो वर्जन कभी भी ऑडियंस के सामने आया ही नहीं, सिर्फ इसका ऑडियो वर्जन ही यूट्यूब पर एवलेबल है। क्यों कभी सिनेमाघरों में नहीं पहुंच पाई गजल? दरअसल, 1992 में ‘नरगिस’ के लिए फिल्माई गई लता मंगेशकर और जगजीत सिंह की यह गजल दर्शकों तक इसलिए नहीं पहुंच पाई, क्योंकि खालिद मोहम्मद सामी के निर्देशन में बनी यह कभी रिलीज ही नहीं हुई। इस फिल्म के रिलीज न होने का कारण पैसों का विवाद, कानूनी लड़ाई और बकाया फीस थी। दरअसल, फिल्म की शूटिंग और डबिंग पूरा होने के बाद जब फिल्म के निगेटिव्स और डिजिटल प्रिंट्स को प्रोसेसिंग लैब में रखा गया तो निर्माता और लैब के बीच पैसों को लेकर काफी भारी विवाद हो गया था। यह मामला बॉम्बे हाईकोर्ट तक भी पहुंचा, जहां अदालत के आदेशानुसार निर्माता ने 23 लाख रुपए जमा करवाए, लेकिन प्रोसेसिंग लैब ने अपना अधिकार जताते हुए ये दावा किया कि मूवी के 79 लाख रुपए अभी बाकी है। जिसकी वजह से निगेटिव न तो कभी मेकर्स के हाथ में आई और मूवी इतने सालों में दब गई। Post navigation गौतम गंभीर की अगुवाई वाले भारतीय कोचिंग स्टाफ में छिड़ी रार छात्रा की निर्मम हत्या पर मां बोली, सागर गुस्से में खो बैठता था आपा