pilibhit-news

पीलीभीत , संवाददाता :पीलीभीत में मेडिकल छात्रा कशिश पटेल की चाकुओं से गोदकर हत्या करने वाला पैरामेडिकल का छात्र सागर सिंह एकदम शांत रहता है। वहीं, जब उसे गुस्सा आता था तो वह खुद पर आपा खो बैठता था। इसी तैश में उसने पीलीभीत में मेडिकल छात्रा की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। एक माह पहले सागर गांव आया था और नीट का पेपर देकर लाैट गया था। घर में वह कम बातचीत करता था। गांव में परिजन और उसके साथियों में से किसी को भी यकीन नहीं हो रहा कि सागर ने गुस्से में हत्या कर दी और जेल पहुंच गया।

बिल्हौर के अरौल थाना क्षेत्र के मेहुआ गांव निवासी सागर सिंह के पिता राम अवतार राज मिस्त्री और मां माया देवी गृहिणी हैं। दोनों को यकीन नहीं हो रहा कि पढ़ाई करने पीलीभीत गए उनके बेटे ने हत्या कर दी। गांव वालों को भी विश्वास नहीं हो रहा कि हमेशा शांत दिखने वाला सागर इस कदर उग्र भी हो सकता है। सागर का बड़ा भाई तेज सिंह पेशे से ड्राइवर हैं।

तीन बहनों में एक की शादी हो चुकी है दूसरी बहन प्रीति मेडिकल कॉलेज में प्राइवेट नौकरी करती है। सबसे छोटी बहन अंशिका एएनएम की पढ़ाई कर रही है। माया देवी ने बताया कि उन्हें मंगलवार दोपहर फतेहपुर से बेटी ने फोन कर बताया कि भइया ने किसी लड़की की चाकू मारकर हत्या कर दी है।

जैसे हमारी वैसे ही पराई बिटिया

मां माया देवी ने रोते हुए बताया कि घरवालों को सागर के एक तरफा प्रेम के बारे में जानकारी नहीं थी। यदि पता होता तो उसे हरगिज पीलीभीत न जाने देतीं। आखिर जैसे हमारी वैसे ही पराई बिटिया भी होती है। उसे रोक लेती तो आज बेगुनाह बच्ची की जान तो न जाती।

दोस्तों से भी नहीं किया था जिक्र
बचपन के दोस्तों का कहना है कि वह सागर को अच्छे से जानते हैं। किसी ने नहीं सोचा था कि पढ़ने-लिखने वाला सागर किसी की जान का दुश्मन भी बन सकता है। साथियों के मुताबिक सागर ने कभी किसी लड़की के बारे में कुछ नहीं बताया। हालांकि वह पढ़ाई की बातें जरूर किया करता था।