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वाराणसी ,संवाददाता : Varanasi News: कफ सिरप तस्करी से जुड़े 17 अभियुक्तों पर गैंगस्टर लगा। जांच में सामने आया कि कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी कर करोड़ों का अवैध कारोबार किया गया। वहीं इस गिरोह का नेटवर्क बिहार, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा तक फैला था। 

अंतरराज्यीय कफ सिरप तस्कर गिरोह के 17 सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट में प्राथमिकी दर्ज हुई। पुलिस का दावा है कि गिरोह लंबे समय से प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी कर उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अपना नेटवर्क संचालित कर रहा था। पुलिस कमिश्नर से गैंग चार्ट को मंजूरी मिलने के बाद बृहस्पतिवार को कोतवाली थाने में थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई। 

जांच में सामने आया है कि गिरोह का सरगना दिवेश जायसवाल है। गिरोह के सदस्य योजनाबद्ध तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप, विशेष रूप से न्यू फेसेंडिल की तस्करी करते थे। कारोबार से अर्जित धन का उपयोग ऐशो-आराम और गिरोह के विस्तार में किया जाता था। 

गिरोह का नेटवर्क वाराणसी कमिश्नरेट के अलावा आसपास के जिलों के साथ बिहार, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा तक फैला था। गिरोह के खिलाफ पहले भी कोतवाली थाने में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस आरोप पत्र भी न्यायालय में दाखिल कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि गिरोह की अवैध संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों की भी जांच की जाएगी। संपत्ति जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी।

गैंग चार्ट स्वीकृत होने के बाद 17 आरोपियों कार्रवाई
गैंग चार्ट स्वीकृत होने के बाद पुलिस ने गिरोह के सरगना सहित कुल 17 आरोपियों, दिवेश जायसवाल, विशाल कुमार जायसवाल, बादल आर्या, प्रतीक मिश्रा, विशाल कुमार सोनकर, धर्मेंद्र कुमार अग्रवाल, आदित्य जायसवाल, राहुल यादव, हिमांशु कसेरा, विकास सिंह, अंकित कुमार श्रीवास्तव, अमित जायसवाल, अभिनव कुमार यादव, घनश्याम, अंकुश सिंह, मनोज कुमार यादव और महेश खेतान हैं।