kanpur-news

कानपुर ,संवाददाता :मौसम विज्ञान केंद्र ने 23 से 25 जुलाई तक मानसून सक्रियता घटने का अनुमान जारी किया है। इस दौरान बादल छाए रहेंगे लेकिन तेज बारिश की संभावना नहीं है। स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है। सीएसए की मौसम वेधशाला में मंगलवार को सुबह आठ बजे के बाद देर शाम तक 25 मिमी बारिश दर्ज की गई।

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया गया कि 22 जुलाई को प्रदेश के दक्षिणी भाग में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। इसके बाद कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। 26 जुलाई से पुनः प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों में वृद्धि संभावित है।

मंगलवार को दिन में बूंदाबांदी होती रही। 24 घंटे में अधिकतम तापमान 3.9 डिग्री बढ़ गया। न्यूनतम तापमान में 0.4 डिग्री की बढ़ोत्तरी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी मो. दानिश ने बताया कि अभी जो मौसमी सिस्टम बना था, वह कमजोर पड़ गया है। इससे तीन-चार दिन मानसून सुस्त रहेगा। स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश हो सकती है।

पॉकेट रेन बढ़ी तो ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रीन अलर्ट

जलवायु परिवर्तन के कारण स्थानीय स्तर अलग-अलग बारिश होने के स्थिति होने पर ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रीन अलर्ट की व्यवस्था शुरू कर दी गई। ग्रीन अलर्ट व्यवस्था के तहत किसानों के मोबाइल पर अलर्ट संबंधी मैसेज आएगा। इससे ब्लॉक में अलग-अलग होने वाली पॉकेट रेन की जानकारी लोगों को रहेगी। भारत मौसम विज्ञान केंद्र से मिलने वाला ग्रीन अलर्ट सीएसए का मौसम विभाग किसानों तक पहुंचाएगा।

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम विभाग के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि जनपद में अभी 10 ब्लाॅकों की विभिन्न ग्राम पंचायतों के 10 हजार किसान इस सिस्टम से जुड़े हैं। उन्हें ग्रीन अलर्ट भेजा जा रहा है। व्हॉट्स एप के जरिये भेजे जाने वाले अलर्ट से किसान अपने खेतों की सिंचाई और दूसरे खेती संबंधी कार्य तय कर सकते हैं। उन्हें आसपास के ब्लॉक क्षेत्रों में मौसम की स्थिति भी पता रहेगी।