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झांसी ,संवाददाता :पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी फोन करते समय बेहद शातिर तरीका अपनाता था। वह अपने आसपास लैंडलाइन फोन की घंटी और पुलिस वायरलेस की आवाजें चलाता था, जिससे पीड़ितों को विश्वास हो जाए कि कॉल थाने से ही है।

साइबर सेल और बरुआसागर पुलिस ने फर्जी इंस्पेक्टर बनकर लोगाें को आजीवन कारावास का डर दिखाकर रुपये ऐंठने वाले साइबर ठग को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लोगों को फोन पर अश्लील वीडियो देखने के मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने का भय दिखाता था। फिर मामला रफा-दफा कराने के नाम पर उनसे अपने बैंक खाते में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करा लेता था।

बरुआसागर थाना प्रभारी प्रकाश सिंह ने बताया कि पुलिस को भारतीय साइबर अपराध समन्वय पोर्टल से कर्नाटक के दो पीड़ितों की शिकायत मिली। दोनों ने बताया कि उनके पास बरुआसागर थाने के इंस्पेक्टर राहुल पांडेय के नाम से फोन आया था। फोन करने वाले ने कहा कि उनके खिलाफ अश्लील वीडियो देखने की शिकायत दर्ज हुई है और इस अपराध में आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।

उसने पीड़ितों को डराते हुए कहा कि यदि शिकायत बंद करानी है तो तुरंत भेजे गए क्यूआर कोड पर 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दें

उसने पीड़ितों को डराते हुए कहा कि यदि शिकायत बंद करानी है तो तुरंत भेजे गए क्यूआर कोड पर 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दें, अन्यथा पांच मिनट के भीतर पुलिस उनके घर पहुंच जाएगी। घबराए पीड़ितों ने बताए गए खाते में पैसे भेज दिए। इधर जांच में सामने आया कि आरोपी मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के टहरका गांव का रहने वाला दीपक खंगार पुत्र मोतीलाल है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी फोन करते समय बेहद शातिर तरीका अपनाता था। वह अपने आसपास लैंडलाइन फोन की घंटी और पुलिस वायरलेस की आवाजें चलाता था, जिससे पीड़ितों को यह विश्वास हो जाता था कि वास्तव में किसी थाने से कॉल आ रहा है। बैकग्राउंड में लगातार चलने वाली इन आवाजों से लोग घबरा जाते थे और बिना ज्यादा सवाल किए पैसे ट्रांसफर कर देते थे। पुलिस ने मामले में धारा बढ़ाते हुए आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया है।

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी फोन करते समय बेहद शातिर तरीका अपनाता था। वह अपने आसपास लैंडलाइन फोन की घंटी और पुलिस वायरलेस की आवाजें चलाता था, जिससे पीड़ितों को यह विश्वास हो जाता था कि वास्तव में किसी थाने से कॉल आ रहा है। बैकग्राउंड में लगातार चलने वाली इन आवाजों से लोग घबरा जाते थे और बिना ज्यादा सवाल किए पैसे ट्रांसफर कर देते थे। पुलिस ने मामले में धारा बढ़ाते हुए आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया है।