बरेली , संवाददाता : स्वामी विवेकानंद सरस्वती इंटर कॉलेज के शिक्षक कुलदीप सिंह ने किसी बात को लेकर छात्र रोहित की पिटाई कर दी थी। इससे नाराज रोहित ने अपने साथियों संजय गुर्जर और अमित गुर्जर के साथ मिलकर उनई मकरूका गांव के पास शिक्षक कुलदीप को घेर लिया। छात्रों ने शिक्षक के साथ मारपीट की। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बहेड़ी इलाके में एक पुलिस चौकी के अंदर हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। शिक्षक और छात्रों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के दौरान जब पुलिस ने एक छात्र पर गुरु के पैर छूकर माफी मांगने का दबाव बनाया, तो छात्र भड़क गया। उसने चौकी के अंदर ही दरोगा और सिपाहियों को ताबड़तोड़ थप्पड़ जड़ दिए। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके अन्य साथी फरार हो गए। शिक्षक और छात्रों के बीच विवाद से हुई शुरुआतमानपुर कस्बे के स्वामी विवेकानंद सरस्वती इंटर कॉलेज के शिक्षक कुलदीप सिंह ने किसी बात को लेकर छात्र रोहित की पिटाई कर दी थी। इससे नाराज रोहित ने अपने साथियों संजय गुर्जर और अमित गुर्जर के साथ मिलकर उनई मकरूका गांव के पास शिक्षक कुलदीप को घेर लिया। छात्रों ने शिक्षक के साथ मारपीट की। शिक्षक का आरोप है कि इस दौरान उनके साथ मौजूद एक महिला शिक्षिका के साथ भी अभद्रता की गई। चौकी में पैर छूने पर मचा बवाल मामले की शिकायत के बाद नारायण नगला चौकी प्रभारी अमित बघेल ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया। चौकी में समझौता नामा तैयार हो गया। इसी बीच गांव के एक व्यक्ति ने सुझाव दिया कि छात्रों को गुरु से माफी मांगनी चाहिए। रोहित ने माफी मांग ली, लेकिन संजय ने आनाकानी की। दरोगा ने संजय से पांच बार माफी मांगने को कहा, लेकिन वह नहीं झुका। इसके बाद सिपाही कपिल और दीवान उमेंद्र ने संजय का कंधा पकड़कर उसे जबरन झुकाने का प्रयास किया। इस पर संजय आगबबूला हो गया और उसने पहले सिपाही और दीवान को तीन थप्पड़ जड़े, फिर बीच-बचाव करने आए दरोगा अमित बघेल को भी कई थप्पड़ मार दिए। छात्रों के खिलाफ दो मुकदमे दर्जमाहौल बिगड़ता देख बाकी आरोपी छात्र वहां से भाग निकले, लेकिन पुलिस ने संजय को मौके पर ही दबोच लिया। इसके बाद पुलिस ने शिक्षक कुलदीप की तहरीर पर तीनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट और छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज किया। वहीं, दीवान उमेंद्र और सिपाही कपिल की ओर से भी सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस से मारपीट करने और चौकी के सरकारी अभिलेख फाड़ने का दूसरा मुकदमा दर्ज किया गया है दबिश के दौरान महिलाओं का हंगामा घटना के बाद सीओ अरुण कुमार सिंह और इंस्पेक्टर दिनेश कुमार शर्मा ने भारी पुलिस बल के साथ उनई मकरूका गांव में दबिश दी। गांव में कोई पुरुष नहीं मिला। इस दौरान अचानक हुई पुलिस की कार्रवाई का गांव वालों ने विरोध किया और आरोपियों के परिवार की महिलाओं ने पुलिस पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के आंदोलन से प्रभावित था छात्रपुलिस के मुताबिक, बीए का छात्र संजय दिल्ली में हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रदर्शनों के वीडियो नियमित रूप से देखता था, जिसके कारण वह काफी उत्तेजित मानसिकता में था। पुलिस का दावा है कि संजय ने चौकी में दरोगा से कहा था कि “धारा में मुकदमा होगा” और उसने चौकी फूंक देने की धमकी भी दी। पुलिस पर हमला करने के बाद भी उसमें कोई पछतावा नहीं दिखा। Post navigation 1.5 करोड़ की धोखाधड़ी में कंपनी निदेशक समेत 5 नामजद