नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : Anti-Paper Leak Bill : सरकार ने लोकसभा में पेपर लीक के खिलाफ बिल पेश कर दिया है। विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच यह विधेयक लाया गया है। हालांकि, अभी इसपर चर्चा और मतदान बाकी है। इससे पहले विपक्ष की मांग की थी जब तक शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक किसी मुद्दे पर बात नहीं करेंगे। हाल ही में सरकार ने पेपर और परीक्षा में सुधारों के लिए एक टास्क फोर्स बनाई है। बिल पेश करने के बाद इसे दौरान ध्वनि मत से पेश करने के लिए वोटिंग कराई गई। इस बीच विपक्षी सांसदों ने ‘मोदी-शाह छात्रों से माफी मांगें’ के नारे लगाए। संसद में लगातार हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। इससे पहले सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के शोर-शराबे के कारण करीब 5 मिनट के भीतर ही दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई थी। बिल में प्रावधान लोकसभा सदस्यों को वितरित विधेयक की प्रति के अनुसार, परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक के कारावास तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत सभी जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होंगी। विधेयक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को त्वरित अदालतें स्थापित करने का निर्देश देने का भी प्रस्ताव है। ये अदालतें आरोपपत्र दाखिल किए जाने के तीन महीने के भीतर मुकदमे की कार्यवाही पूरी करेंगी। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही फिर 2 बजे तक स्थगित पेपर लीक से जुड़ा लोक परीक्षा संशोधन बिल सोमवार को लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेश किया। इस दौरान ध्वनि मत से पेश करने के लिए वोटिंग कराई गई। इस बीच विपक्ष मोदी-शाह छात्रों से माफी मांगें के नारे लगाते रहे। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। उधर, राज्यसभा की कार्यवाही भी 2 बजे तक स्थगित कर दी गई है। Post navigation Stock Market : कच्चे तेल में गिरावट से शेयर बाजार में जोरदार वापसी UP : शिक्षा विभाग की ऑनलाइन बैठकों में अब नहीं चलेगी लापरवाही