लखनऊ, डॉ.जितेंद्र बाजपेयी :Books in UP: यूपी की स्कूली पढ़ाई में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब कक्षा एक से 12 तक सभी कक्षाओं में एनसीईआरटी की किताबें यूपी में भी लागू हो जाएंगी। प्रदेश में अगले साल 2027 से कक्षा आठ तक राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबों से पढ़ाई कराई जाएगी। इसके साथ ही कक्षा एक से 12 तक सभी कक्षाओं में एनसीईआरटी की किताबें यूपी में भी लागू हो जाएंगी। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा इसकी सहमति देने के बाद राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने कक्षा पांच से आठ की किताबों का कस्टमाइजेशन शुरू कर दिया है। इसके तहत 20 फीसदी तक स्थानीय कंटेंट एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू होने के बाद पढ़ाई में एकरूपता लाने व छात्रों पर पढ़ाई का बोझ कम करने, कौशल आधारित पाठ्यक्रम को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस क्रम में प्रदेश में जहां कक्षा नौ से 12 तक तो एनसीईआरटी की किताबें लागू हैं। वहीं 2020 से परिषदीय विद्यालयों में भी एनसीईआरटी की किताबें लागू करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके तहत पहले कक्षा एक, फिर दो-तीन और कक्षा चार में इसे लागू किया गया इसके तहत पहले कक्षा एक, फिर दो-तीन और कक्षा चार में इसे लागू किया गया। इस तरह प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में अभी कक्षा एक से चार तक में ही एनसीईआरटी की किताबें लागू हैं। वहीं नए सत्र 2027-28 से एक साथ कक्षा पांच से आठ तक एनसीईआरटी की किताबें लागू की जाएंगी। हाल ही में हुई बेसिक शिक्षा विभाग की बैठक में इसके लिए उच्च स्तर से हरी झंडी दी गई। इसके बाद किताबों के कस्टमाइजेशन का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। कक्षा पांच से कौशल विकास पर फोकसएनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में कक्षा पांच से ही बच्चों को कौशल विकास से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी। कौशल बोध के नाम से कक्षा पांच से आठ तक एक चैप्टर इसमें शामिल है। शुरुआत में बच्चों को इससे जुड़ी बेसिक जानकारी दी जाएगी। वहीं आगे चलकर उनको कौशल प्रशिक्षण भी कराया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों को आगे चलकर रोजगार व स्वरोजगार के लिए तैयार करना है। एनईपी में कौशल विकास पर सर्वाधिक फोकस किया गया है। बच्चों को मिलेगा अपग्रेड कंटेंट एनसीईआरटी का कंटेंट राज्यों की अपेक्षा बेहतर होता है। देश भर के शिक्षाविद इसका पाठ्यक्रम तैयार करते हैं। देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं, सिविल सर्विस आदि की तैयारी के लिए युवा सर्वाधिक एनसीईआरटी की किताबें ही पढ़ते हैं। युवा सिविल तैयारी के लिए सर्वाधिक एनसीईआरटी की कक्षा नौ-दस की किताबें पढ़ते हैं। एनईपी 2020 लागू के बाद देश भर में पढ़ाई में एकरूपता लाने के लिए भी एनसीईआरटी का किताबें लागू की जा रही हैं। ये हैं प्रमुख किताबेंकक्षा पांच में वीणा, संतूर, गणित मेला, बांसुरी, खेल योग, मैथ्स मेला, कक्षा छह में मल्हार, दीपकम, गणित प्रकाश, पूर्वी, कौशल बोध, ख्याल, गणित प्रकाश, खेल यात्रा, कृति, क्यूरिसिटी, कक्षा सात-आठ में मल्हार, गणित प्रकाश, दीपकम, पूर्वी, जिज्ञासा, समाज का अध्ययन, कृति, खेल यात्रा, एक्सप्लोरिंग सोसायटी, गणित प्रकाश, कौशल बोध आदि शामिल हैं। Post navigation UP : मानसून के तेवर बरकरार, आज 15 जिलों में होगी भारी वर्षा सपा सांसद पर दूसरी FIR दर्ज़, शस्त्रों का दुरुपयोग और पत्रावली गायब