इंदौर : इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में उड़ानों में आई कमी का सीधा असर यात्री संख्या पर भी देखने को मिला है। एयरपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में सात माह के दौरान प्रतिदिन औसतन 92 उड़ानें संचालित हो रही थीं, जबकि वर्ष 2026 में यह औसत घटकर 85 उड़ानें प्रतिदिन रह गया। यानी हर दिन औसतन 7 से 8 उड़ानें कम उड़ी।

वहीं यात्रियों की बात करें तो वर्ष 2025 में प्रतिदिन औसतन 12,154 यात्री यात्रा कर रहे थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या घटकर 11,872 रह गई। यानी प्रतिदिन औसतन 282 यात्री कम हो गए।

एयरपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से जुलाई 2026 के बीच 25 लाख पांच हजार 143 यात्रियों ने हवाई यात्रा की, जबकि इसी अवधि में वर्ष 2025 में 25 लाख 64 हजार 385 यात्री एयरपोर्ट से आवागमन कर चुके थे। इस तरह इस वर्ष 59,242 यात्रियों ने कम उड़ान भरी। उड़ानों की संख्या में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है।

इंदौर एयरपोर्ट पर सात माह में 59 हजार यात्री घटे, 1445 उड़ानें हुईं कम

वर्ष 2025 के पहले सात महीनों में एयरपोर्ट से 19,446 उड़ानें संचालित हुई थीं, जबकि वर्ष 2026 में यह संख्या घटकर 18,001 रह गई। यानी इस वर्ष 1,445 उड़ानें कम संचालित हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि कई रूटों पर उड़ानों में कटौती तथा सीमित नई सेवाएं शुरू नहीं होने से यात्री संख्या में गिरावट आई है। आगे नई उड़ानें शुरू नहीं हुईं, तो यात्री संख्या पर इसका असर आगे भी जारी रह सकता है।

बीते वर्ष साढ़े तीन लाख से अधिक यात्री उड़े

वर्ष 2025 में ग्यारह माह ऐसे थे, जब यात्री संख्या साढ़े तीन लाख से अधिक रही थी। सिर्फ सितंबर माह में ही यात्री संख्या घटकर 3.35 लाख रही थी। वहीं नवंबर माह में सर्वाधिक 4.23 लाख से अधिक यात्रियों ने यात्रा इंदौर से की। वर्ष 2026 के पहले सात माह में सिर्फ चार माह ही साढ़े तीन लाख से अधिक यात्री संख्या पहुंची है, जबकि तीन माह इससे कम यात्री संख्या रही।