मेरठ ,सदंवाददाता : मेरठ में कांवड़ यात्रा पूरे शबाब पर पहुंचने लगी है। दिल्ली-देहरादून हाईवे से लेकर शहर की प्रमुख सड़कों तक हर ओर केसरिया रंग, ‘बम-बम भोले’ के जयघोष और शिवभक्तों का उत्साह देखने को मिल रहा है। मेरठ में माहौल केसरिया रंग में रंगने लगा है। हाईवे और शहर की सड़कें बम-बम भोले के जयघोष से गूंज उठीं हैं। हरिद्वार को कांधे पर कांवड़ लिए शिवभक्त तेजी से मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। मंगलवार रात से पंचक समाप्त होने के बाद हरिद्वार में कांवड़ उठाने वालों की संख्या बढ़ी है। जिसके बाद माना जा रहा है कि शहर में गुरुवार शाम और शुक्रवार को कांवड़ियों की संख्या बढ़ सकती है। शहर में कांवड़ शिविरों की संख्या भी बढ़ने लगी है। सावन के पावन माह में शहर पूरी तरह शिवमय होता नजर आ रहा है। बाईपास, रुड़की रोड और दिल्ली रोड पर बुधवार से कांवड़ियों का आगमन तेज हो गया। शहर में जगह जगह कांवड़ सेवा शिविर शुरू हो गए हैं। जहां शिवभक्तों के विश्राम, भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। हर ओर बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। यात्रा में युवाओं के साथ बड़ी संख्या में बुजुर्ग भी उत्साहपूर्वक शामिल हैं। यात्रा में युवाओं के साथ बड़ी संख्या में बुजुर्ग भी उत्साहपूर्वक शामिल हैं। महिलाएं भी बड़ी संख्या में कांवड़ ला रहीं हैं। नांगलोई निवासी अमित ने बताया कि उन्होंने 10 जुलाई को गोमुख से यात्रा शुरू की थी। वे गोमुख से एक लीटर और गंगोत्री से 20 लीटर गंगाजल लेकर आ रहे हैं। बुखार होने के बावजूद उन्होंने कहा कि भोलेनाथ का नाम ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। जोकर के वेश में कर रहा शिवभक्तों का स्वागतसिवाया टोल प्लाजा के पास एक युवक जोकर के वेश में शिवभक्तों का मनोरंजन कर रहा है। वह नृत्य करने के साथ साथ कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा करता है। उन्हें फल आदि प्रसाद भी वितरित करता है। दादा-दादी को कांवड़ में लाया सुमित मन में श्रद्धा और भक्ति का भाव लिए शिवभक्त मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। लकवाग्रस्त बीमार पति की कुशलता के पत्नी कांवड ला रही है तो पौता श्रवण कुमार बनकर दादा-दादी को कांवड़ में बैठाकर यात्रा करा रहा है। रास्ते में लोग इनका स्वागत कर इनकी इच्छाशक्ति की सराहना कर रहे हैं। बाबा से मन्नत मांगी है कि पति जल्दी स्वस्थ हो जाएं गाजियाबाद की 60 वर्षीय रामवती ने बताया कि पति को फालिज पड़ गया है। वह बिस्तर पर हैं। बेटा नौकरी करता है तो घर चल रहा है। हरिद्वार से जल लेकर आई हूं। बाबा से मन्नत मांगी है कि पति जल्दी स्वस्थ हो जाएं। उन्हें भोेले बाबा से पूरी उम्मीद है कि वह उनकी मनोकामना पूरी करेंगे।सिकंदराबाद के हरिपुर निवासी सुमित भोला बुधवार सुबह मोदीपुरम टोल प्लाजा पहुंचे। वह अपने बुजुर्ग दादा और दादी को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से लाने की अनूठी मिसाल पेश की। सुमित ने बताया कि वह अपने दादा-दादी की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ यह यात्रा कर रहे हैं। बीमार पति के लिए जल लाई महादेवीकांवड़ पटरी मार्ग से गुजर रहीं इटावा की 70 वर्षीय महादेवी तीसरी बार कांवड़ यात्रा कर रही हैं। उन्होंने बताया कि परिवार के सभी सदस्य, बच्चे और पोते-पोतियां उनके इस संकल्प से बेहद खुश हैं। दिल्ली बुराड़ी के 73 वर्षीय रामबिहारी अपनी पत्नी 70 वर्षीय ओमवती के साथ हरिद्वार से जल लेकर मेरठ पहुंचे। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई को जल उठाया। ओमवती पहली बार जल लाई है।कांवड़ शिविर का शुभारंभ शोभापुर बाईपास पर विरालिया परिवार द्वारा 20वां कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ हुआ। विनय विरालिया और परिजनों ने विधि विधान से पूजन किया। विनय ने बताया कि शिविर में कांवड़ियों को 24 घंटे भोजन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। Post navigation पूरे उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय,किसानो के चेहरे खिले 5 बिंदुओं पर SIR’, CEC ज्ञानेश कुमार ने गिनाईं चुनाव प्रबंधन की खूबियां