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मेरठ, संवाददाता : Meerut News: शिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों के साथ ही अन्य श्रद्धालुओं की भीड़ औघड़नाथ मंदिर पर जुटी है। एक मिनट में करीब 60 श्रद्धालु जलाभिषेक कर पा रहे हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित श्रीधर त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार को शिवरात्रि पर पहली आरती सुबह 4:30 बजे होगी।

त्रयोदशी और श्रावण मास के दूसरे सोमवार को बाबा औघड़नाथ मंदिर में शिवभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। यहां 75 हजार से अधिक शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मंगलवार को शिवरात्रि पर भी शिवभक्तों के आने का सिलसिला जारी रहेगा। इससे यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या एक लाख से भी अधिक तक पहुंच जाएगी।

सोमवार तड़के 4:30 बजे आरती के बाद जलाभिषेक शुरू हुआ जो रात तक चलता रहा। कांवड़ियों ने पहले हाजिरी का जल चढ़ाया। सुबह 8:30 बजे के बाद त्रयोदशी का जल चढ़ाने का क्रम शुरू हुआ। मंदिर समिति अध्यक्ष सतीश सिंघल ने बताया कि शिवलिंग पर अधिकतम एक मिनट में करीब 60 श्रद्धालु जलाभिषेक कर पाते हैं। इस हिसाब से एक घंटे में 3600 श्रद्धालु जलाभिषेक कर सकते हैं।

बाबा औघड़नाथ मंदिर के आसपास रजबन, रेड क्वार्टर, नैंसी चौराहा मार्ग, वेस्ट एंड रोड, बेगमपुल और रुड़की रोड सहित विभिन्न स्थानों पर कांवड़ सेवा शिविर लगाए गए हैं

बाबा औघड़नाथ मंदिर के आसपास रजबन, रेड क्वार्टर, नैंसी चौराहा मार्ग, वेस्ट एंड रोड, बेगमपुल और रुड़की रोड सहित विभिन्न स्थानों पर कांवड़ सेवा शिविर लगाए गए हैं। शिविर संचालक अजय ने बताया कि शिवभक्तों ने भजनों पर जमकर नृत्य किया। भोजन के साथ गर्म दूध, फल आदि वितरित किए गए। औघड़नाथ मंदिर परिसर में कैंप लगाकर डॉ. महेश बंसल की टीम ने कांवड़ियों और अन्य शिवभक्तों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई।

वाहन रोके, पैदल मंदिर गए श्रद्धालु
नैंसी चौराहा और दर्शन अकादमी के पास वाहनों को रोक दिया गया। इसके बाद शिवभक्त और कांवड़िया पैदल ही मंदिर की ओर पहुंचे। मंदिर के आसपास करीब आधा किलोमीटर के क्षेत्र में पर्याप्त पथ प्रकाश व्यवस्था की गई है। कैंट बोर्ड की ओर से सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

आज चार बार होगी आरती
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित श्रीधर त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार को शिवरात्रि पर पहली आरती सुबह 4:30 बजे होगी। सुबह से रात तक मंदिर खुला रहेगा और शिवभक्त जलाभिषेक करते रहेंगे। दूसरी आरती शाम 7:30 बजे, रात 11 बजे और रात एक बजे आरती होगी। 12 अगस्त की सुबह 4:30 बजे भी आरती होगी। उन्होंने बताया कि 12 अगस्त की रात तक मंदिर श्रद्धालुओं के लिए तरह खुला रहेगा।