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मेरठ, संवाददाता : सहकारी डेयरी प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान में प्राचार्या वंदना सिंह को 1.35 लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया था। वंदना सिंह ठेकेदार से भुगतान कराने की एवज में रुपये मांग रही थी। कोर्ट ने वंदना को जेल भेज दिया है। 

परतापुर थाना क्षेत्र के गगोल रोड स्थित सहकारी डेयरी प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान में सोमवार को एंटी करप्शन टीम ने प्राचार्या वंदना सिंह को 1.35 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था। मंगलवार को आरोपी प्राचार्या को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया। इस दौरान प्राचार्या मुंह पर कपड़ा ढककर कोर्ट पहुंची। एंटी करप्शन टीम ने उनके नोएडा स्थित घर पर भी छापा मारा।

गंगानगर निवासी अमित सिवाच ने 21 अगस्त को एंटी करप्शन में शिकायत करते हुए बताया था कि उनकी सिवाच ट्रेडर्स के नाम से फर्म है। उनकी फर्म ने संस्थान में ट्रेनिंग करने वाले किसानों को भोजन आपूर्ति की थी। इस आपूर्ति के 3.87 लाख रुपये बकाया थे। 16 जुलाई को प्राचार्या वंदना सिंह ने पदभार ग्रहण किया था। 20 जुलाई को अमित ने प्राचार्या से भुगतान को लेकर संपर्क किया था। प्राचार्या ने भुगतान के नाम पर 1.35 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम को की थी।

शिकायत के आधार पर सोमवार को एंटी करप्शन की टीम सहकारी डेयरी प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान गगोल पहुंची थी।

शिकायत के आधार पर सोमवार को एंटी करप्शन की टीम सहकारी डेयरी प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान गगोल पहुंची थी। टीम ने कार्रवाई करते हुए वंदना सिंह को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया था। मंगलवार को एंटी करप्शन ने प्राचार्या को भ्रष्टाचार अधिनियम कोर्ट में पेश किया। वंदना सिंह ने पेशी के दौरान अपना चेहरा ढक रखा था। एंटी करप्शन प्रभारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि प्राचार्या को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

एंटी करप्शन टीम ने परिजनों से की पूछताछ
एंटी करप्शन की टीम ने प्राचार्या वंदना सिंह के नोएडा स्थित घर पर छापा मारा। टीम ने घर में मौजूद दस्तावेजों की जांच की। घर के अंदर से कोई गैरकानूनी कागज नहीं मिला। घर में मौजूद सभी सदस्यों से गहनता से पूछताछ की। टीम आधे घंटे से अधिक समय तक घर में मौजूद रही। एंटी करप्शन ने घर के सदस्यों के नाम नोट किए।