कानपुर , संवाददाता : सर्वोत्तम चौघड़िया मुहूर्त दोपहर 12:10 से दो बजे तक है। सुबह 10 से दोपहर 12:10 बजे तक राहुकाल में राखी बांधने से परहेज करें।रक्षाबंधन पर इस बार बहनों को भाई की कलाई पर प्रेम और विश्वास का धागा बांधने के लिए तीन प्रमुख शुभ मुहूर्त मिलेंगे। चिंतक इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक साइंसेज के संस्थापक व अध्यक्ष डॉ. रमेश चिंतक के अनुसार पहला शुभ मुहूर्त सुबह छह से 9:30 बजे तक रहेगा। इसके बाद सुबह 10 से दोपहर 12:10 बजे तक राहुकाल में राखी बांधने से बचना चाहिए। दूसरा शुभ मुहूर्त दोपहर 1:30 से शाम चार बजे तक रहेगा। आचार्य प्रमोद कुमार तिवारी के अनुसार दोपहर 12:10 से दो बजे तक शुभ चौघड़िया रहेगी जिसे रक्षाबंधन के लिए विशेष और सर्वोत्तम मुहूर्त माना गया है। रक्षाबंधन पर सबसे पहले भगवान विष्णु, गणेशजी, सूर्यदेव, भगवान शिव और भगवती माता को राखी अर्पित करना चाहिए। मान्यता है कि इन देवताओं का आशीर्वाद भाई की रक्षा करता है। राखी बांधते समय इन बातों का रखें ध्यानपद्मेश इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक साइंसेज के संस्थापक एवं अध्यक्ष पं. केए दुबे पद्मेश के अनुसार राखी बांधते समय बहनों को रोली की जगह हल्दी और चूने को मिलाकर भाइयों को तिलक लगाना चाहिए। इसके अलावा अक्षत के साबुत दानों का ही प्रयोग करें। भाई को बहन के घर जाकर भोजन करना और उसे उचित उपहार देना चाहिए। जिनकी बहन नहीं हैं वे मामा, बुआ, चाचा, मौसी या गुरु की बेटी से राखी बंधवा सकते हैं। वहीं भाई न होने पर महिलाएं परिवार के पुरखों के लगाए वृक्ष को राखी बांध सकती हैं। Post navigation 6 साल पहले युवक के झांसे में आकर इसाई धर्म स्वीकारा अब की सनातन में वापसी बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी, बिजली बिल में होगी 8% की कमी