मथुरा, संवाददाता : रक्षाबंधन पर सरहद पर बेटियों और जवानों के भावनात्मक मिलन के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदेमातरम्’ के जयघोष से अखनूर का वातावरण गूंज उठा। बेटियों ने देश की सुरक्षा में तैनात जवानों की कलाई पर राखी बांधी। रक्षाबंधन पर सरहद पर बेटियों और जवानों के भावनात्मक मिलन के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदेमातरम्’ के जयघोष से अखनूर का वातावरण गूंज उठा। बेटियों ने देश की सुरक्षा में तैनात जवानों की कलाई पर राखी बांधी। सीमा पर कुछ देर के लिए ऐसा माहौल बना, मानो सैनिक अपने घर-परिवार के बीच रक्षाबंधन मना रहे हों। बेटियों और जवानों के इस भावनात्मक मिलन के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदेमातरम्’ के जयघोष से अखनूर का वातावरण गूंज उठा। स्कूल की डायरेक्टर सुमन लता ने कहा कि देश की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना रक्षाबंधन पर बेटियों का सीमा पर पहुंचकर सैनिकों को रक्षा सूत्र बांधना इसी भावना का प्रतीक है प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। रक्षाबंधन पर बेटियों का सीमा पर पहुंचकर सैनिकों को रक्षा सूत्र बांधना इसी भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ये बेटियां सैनिकों की कलाई पर सिर्फ राखी नहीं बांध रहीं, बल्कि उनके प्रति देशवासियों के स्नेह और सम्मान का संदेश भी लेकर पहुंची हैं। दो दलों में रवाना हुई थीं 200 बेटियांराष्ट्र सुरक्षा सूत्र समर्पण यात्रा-2026 के तहत विद्यालय की 200 बेटियों को दो दलों में अखनूर और अटारी बॉर्डर के लिए रवाना किया गया था। 100 बेटियों का दल अखनूर बॉर्डर और 100 बेटियों का दल अटारी बॉर्डर पहुंचा। इनके साथ 20 अध्यापिकाएं भी रहीं। इसके अलावा 75 बेटियों के दल ने मथुरा कैंट पहुंचकर सैनिकों को राखी बांधी। यात्रा का उद्देश्य बेटियों को देश की सीमाओं की रक्षा में जुटे सैनिकों के त्याग, शौर्य और समर्पण से रूबरू कराना तथा उनके मन में राष्ट्रभक्ति और सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करना था। Post navigation संभल मंदिर- जामा मस्जिद विवाद, SC की रोक के चलते सुनवाई टली GPM की ऐतिहासिक धरोहरों का विशेषज्ञ दल ने पुरातात्विक स्थलों का किया सर्वे