नई दिल्ली, एंटरटेनमेंट डेस्क : जब बात कृष्ण भजन की आती है तो मीरा के भजन को कैसे नजरअंदाज किया जा सकता है। कृष्ण की अनन्य भक्त मीरा ने कई भजन अपने प्रिय कान्या के लिए बनाए थे जो आज भी उतने ही लोकप्रिय है। 400 साल पुराना है ये कृष्ण भजन लेकिन आज हम जिस भजन की बात करने जा रहे हैं वो थोड़ा खास है क्योंकि यह गीत लगभग 400 साल पुराना है और आज भी यह भजन कृष्ण भक्त गुनगुनाते हैं और इसकी धुन पर झूमते भी हैं। गहरा है इसका अर्थ मीरा बाई (Meera Bai) के द्वारा लिखा गया यह भजन उनका भगवान कृष्ण के प्रति उनके अटूट प्रेम और समर्पण को दर्शाता है। वहीं जितना ये गाना सुनने में मेलोडियस लगता है उतना ही गहरा इसका अर्थ भी है। इस भजन के बोल हैं- पग पग घुंघरू बांध मीरा नाची रे (Pag Ghungroo Bandh Meera Nachi Re)। इस भजन को मीरा बाई ने 16वीं शताब्दी में लिखा था , शुरुआती पंक्तियों का मतलब है – पैरों में घुंघरू बांधकर मीरा नाचीं; मैं खुशी-खुशी अपने प्रभु (नारायण) की दासी बन गई हूं। इसके अलावा इसमें समाज द्वारा मीरा को पागल कहे जाने, राणा द्वारा भेजे गए जहर के उस कुख्यात प्याले का जिक्र है, जिसे मीरा ने मुस्कुराते हुए पी लिया था। सिनेमा में रीक्रिएट हुआ गीत 400 साल पुराने इस गीत की ख्याति बॉलीवुड को भी इसे रीक्रिएट करने से रोक नहीं पाई। इस मशहूर गीत की शुरुआती लाइन से प्रेरित होकर गीतकार अनजान ने फिल्म ‘नमक हलाल’ (1982) के मशहूर हिंदी गाने पग घुंघरू बांध मीरा नाची थी के बोल लिखे थे। इसे किशोर कुमार (Kishore Kumar) ने अपनी जादुई आवाज से सजाया था। इस गीत को महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) पर फिल्माया गया था। इस गाने में उनके साथ अभिनेत्री स्मिता पाटिल भी नजर आती हैं। वहीं इस गीत का संगीत बप्पी लाहिरी ने तैयार किया था। जन्माष्टमी की शान है ये गीत जन्माष्टमी 2026 (Janmashtami 2026) के मौके पर ये गीत आपको कहीं ना कहीं जरूर सुनने को मिलेगा। भले ही फिल्मी वर्जन ज्यादा पॉपुलर हो गया हो लेकिन इसकी प्रेरणा मीरा बाई का 400 पुराना गीत ही है। Post navigation औरतों को निशाना, शालिनी पांडेय का डीपफेक वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर गुस्सा