रायपुर, ब्यूरो : CG News : प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी सत्यापन शुरू हो गया है। प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया गया है। खास बात यह है कि उपभोक्ता घर बैठे ऑनलाइन या बिजली वितरण केंद्र पहुंचकर ऑफलाइन ई-केवाईसी करा सकेंगे। इसके साथ ही ई-केवाईसी के माध्यम से बिजली बिल और उपभोक्ता के नाम से जुड़ी गलतियों में सुधार का रास्ता भी साफ होगा। E-KYC के जरिए बिजली बिल व नाम की त्रुटियों में होगा सुधारराज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी सत्यापन शुरू हो गया है। प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया गया है। खास बात यह है कि उपभोक्ता घर बैठे ऑनलाइन या बिजली वितरण केंद्र पहुंचकर ऑफलाइन ई-केवाईसी करा सकेंगे। इसके साथ ही ई-केवाईसी के माध्यम से बिजली बिल और उपभोक्ता के नाम से जुड़ी गलतियों में सुधार का रास्ता भी साफ होगा। आधार ई-ऑथेंटिकेशन सर्विस से इंटीग्रेटेड है प्रक्रिया : OTP से होगा प्रमाणीकरण बिजली वितरण कंपनी प्रबंधन के अनुसार ई-केवाईसी की प्रक्रिया आधार ई-ऑथेंटिकेशन सर्विस से इंटीग्रेटेड है। इसमें ओटीपी के माध्यम से उपभोक्ता का प्रमाणीकरण किया जाएगा। इसके लिए आधार कार्ड की फोटो कॉपी या अन्य दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। उपभोक्ता का आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद आधार कार्ड की प्रति उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। तीन तरीकों से करा सकेंगे ई-केवाईसीउपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार तीन तरीकों से ई-केवाईसी करा सकते हैं… पहला : मोर बिजली ऐप के माध्यम से घर बैठे प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।दूसरा : संबंधित वितरण केंद्र अथवा जोन कार्यालय में उपस्थित होकर ई-केवाईसी पोर्टल के माध्यम से अधिकृत कर्मचारी से सत्यापन कराया जा सकता है।तीसरा : क्षेत्र से संबंधित मीटर रीडर मोबाइल ऐप के जरिए उपभोक्ता से संपर्क कर ई-केवाईसी कर सकता है। नाम में अंतर होने पर होगा सुधार : मोबाइल पर मिलेगा पुष्टि का संदेशआधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद उपभोक्ता के आधार कार्ड की प्रति अपलोड करना अनिवार्य होगा। आधार और बिजली कनेक्शन में दर्ज उपभोक्ता के नाम का शत-प्रतिशत मिलान होने पर ई-केवाईसी पूरी हो जाएगी। यदि दोनों में नाम अलग है तो नाम संबंधी त्रुटि सुधारने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। ई-केवाईसी पूरा होने की सूचना उपभोक्ता को मोबाइल नंबर पर संदेश के माध्यम से दी जाएगी। Post navigation Tibet : तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ के बाद फिर लगे भूकंप के झटके Bihar : पटना में गंगा का रौद्र रूप, CM सम्राट चौधरी ने किया निरीक्षण