नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क : शेफाली वर्मा के 64 रनों की पारी और स्पिनर्स की शानदार गेंदबाजी के दम पर भारत ने महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में बांग्लादेश को हराकर फाइनल में जगह बना ली है। अब फाइनल में टीम इंडिया की भिड़ंत दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगी, जहां श्रीलंका और पाकिस्तान एक-दूसरे का सामना करेंगे। भारत की तरफ से शेफाली के अलावा सभी बल्लेबाज संघर्ष करते दिखे। हालांकि, टीम इंडिया ने किसी तरह 149 रनों का स्कोर खड़ा कर लिया। स्पिनर्स को मदद कर रही पिच पर बांग्लादेश के लिए 149 रनों का स्कोर काफी था। भारत ने बांग्लादेश को 40 रनों से हराया और फाइनल में जगह बना ली है। ये महिला एशिया कप का 10वां संस्करण है और टीम इंडिया ने 10वीं बार फाइनल में जगह बनाई है। शेफाली की तूफानी बल्लेबाजी शेफाली वर्मा की आक्रामक अर्धशतकीय पारी और बांग्लादेश की खराब क्षेत्ररक्षण के कारण भारत ने महिला एशिया कप के सेमीफाइनल में गुरुवार को बांग्लादेश के विरुद्ध पांच विकेट पर 149 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। मुश्किल पिच पर भारतीय बल्लेबाजों के संघर्ष के बीच शेफाली ने 40 गेंदों में 64 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। शेफाली को उनकी पारी के दौरान तीन बार जीवनदान मिला शेफाली को उनकी पारी के दौरान तीन बार जीवनदान मिला। वह छह, 11 और 56 रन के निजी स्कोर पर कैच छूटने से बचीं। बांग्लादेश के गेंदबाजों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है और उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों को अधिकांश समय खुलकर रन बनाने का मौका नहीं दिया। इसके बावजूद बांग्लादेश की फील्डिंग ने उसका काम मुश्किल कर दिया। टीम ने कुल चार कैच छोड़े, वरना भारत का स्कोर 120 रन के आसपास ही रुक सकता था। शेफाली ने अकेले दम पर भारतीय पारी को गति दी। भारत के टॉप ऑर्डर का संघर्ष शीर्ष चार भारतीय बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट 100 से कम रहा, जबकि शेफाली ने 160 के स्ट्राइक रेट से 64 रन बनाए। उनकी पारी में तीन छक्के शामिल रहे, जिनमें से सभी स्पिन गेंदबाजों के विरुद्ध आए। आक्रामक सलामी बल्लेबाज शेफाली ने मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। उन्होंने तेज गेंदबाज मरुफा अख्तर के खिलाफ फ्रंट फुट पुल लगाया, जबकि स्पिनरों के सामने रिवर्स स्वीप और सीधे मैदान के ऊपर से बड़े शॉट खेलकर रन जुटाए। भारत ने पावरप्ले में एक विकेट पर 45 रन बनाकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन मध्य ओवरों में रन गति बढ़ाने में उसे परेशानी हुई। ऋचा घोष ने भी शुरुआत में रन बनाने के लिए संघर्ष किया, लेकिन उन्होंने 16 गेंदों में 21 रन बनाकर टीम के स्कोर में अहम योगदान दिया। अंत में हरमनप्रीत ने संभाला मोर्चा भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर, जो आमतौर पर स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अच्छी बल्लेबाज मानी जाती हैं, इस मुकाबले में ज्यादातर समय लय हासिल करने के लिए जूझती रहीं। उन्होंने अपनी पहली 16 गेंदों पर सिर्फ चार रन बनाए। हालांकि, पारी के अंतिम चरण में उन्होंने लगातार दो छक्के लगाकर कुछ हद तक इसकी भरपाई की और नाबाद 24 रन बनाए। उनकी पारी के दम पर भारत ने 6 विकेट के नुकसान पर 149 रन बनाए। श्री चरणी ने 50 विकेट किए पूरे भारत के 150 रनों के जवाब में बांग्लादेश ने सूझ-बूझ के साथ पारी की शुरुआत की। उन्होंने पहले विकेट के लिए 26 रन जोड़े लेकिन श्री चरणी ने भारत को सफलता दिला दी। चरणी ने बांग्लादेश की सलामी बल्लेबाज जुऐरिया फर्दौस को 14 रन के स्कोर पर आउट किया और इसी के साथ महिला टी20 में 50 विकेट पूरे कर लिए। वे टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज 50 विकेट लेने वाली चौथी गेंदबाज बन गई हैं। चीन की मेंगटिंग लुई ने सबसे कम मैच खेलकर 50 विकेट पूरे किए थे। महिला टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज 50 विकेट लेने वाली गेंदबाज (मैचों के लिहाज से)- मेंगटिंग लुई (चीन) – 28 लीघ कास्परेक (न्यूजीलैंड) – 29 अनीसा मोहम्मद (वेस्टइंडीज) – 29 श्री चरणी (भारत) – 29 सोफी एक्लेसटोन (इंग्लैंड) – 34 दीप्ति शर्मा की घातक गेंदबाजी बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में अनुभवी हरफनमौला खिलाड़ी दीप्ति शर्मा ने कमाल की बॉलिंग की और 3 विकेट हासिल किए। उन्होंने इस टूर्नामेंट में कमाल की गेंदबाजी की है और सबसे अधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गई हैं। दीप्ति ने महिला एशिया कप 2026 में अब तक 10 विकेट हासि किए हैं। भारत ने फाइनल में जगह बनाई भारत के 149 रनों के जवाब में बांग्लादेश की टीम 20 ओवरों में 109 रन ही बना सकी। इसी के साथ हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम ने मैच में 40 रनों से जीत हासिल कर फाइनल में जगह बना ली। भारत के लिए दीप्ति के अलावा नंदिनी शर्मा ने दो विकेट हासिल किए। श्री चरणी और प्रेमा रावत को भी एक-एक सफलता मिली। Post navigation नकल करते पकड़ी गई छात्रा को SC एक्ट की नहीं मिली ढाल, CG हाई कोर्ट ने दी नई व्यवस्था 35 वें दिन हनुमान अंश, 200 करोड़ आंकड़े छूने को बेताब